लखनऊ। समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेता डिंपल यादव और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महिलाओं की सुरक्षा, सामाजिक स्थिति और लोकतंत्र को लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। दोनों नेताओं के बयान वर्तमान राजनीतिक माहौल में बड़े संकेत माने जा रहे हैं।
डिंपल यादव ने कहा कि किसी भी देश की प्रगति उसकी महिलाओं की स्थिति से तय होती है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि “अगर किसी देश को आगे बढ़ना है तो जरूरी है कि उस देश की महिलाएं आगे बढ़ें, लेकिन हमारे नए भारत में बेटियां लगातार पिछड़ती जा रही हैं।” उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस समाज में बेटियां सुरक्षित नहीं होंगी, वह कभी आगे नहीं बढ़ सकता।
उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिक्र करते हुए कहा कि इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। “उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी के साथ जो हुआ, उसे सुनकर मैं बेहद दुखी थी। यह घटना बताती है कि हमारी बेटियां कितनी असुरक्षित हैं,” उन्होंने कहा।
वहीं, अखिलेश यादव ने महिलाओं की स्थिति को समाज का आईना बताते हुए कहा कि “अगर किसी समाज में स्त्रियों की स्थिति की सही जानकारी हो जाए तो पूरे समाज की स्थिति समझ में आ जाती है।” उन्होंने आरोप लगाया कि भारत में महिलाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक है और इस पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने मीडिया और सत्ता पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “अगर कैमरे अपनी जिम्मेदारी निभाने लगें तो अपने आप सत्ता परिवर्तन हो जाएगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में बोलने, लिखने और आंदोलन करने पर पाबंदियां लगाई जा रही हैं, लेकिन जनता सब समझ रही है और चुनाव में इसका जवाब देगी।
सपा नेताओं के इन बयानों को आगामी चुनावों के मद्देनजर सरकार पर बढ़ते हमलों के रूप में देखा जा रहा है। महिला सुरक्षा, लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी जैसे मुद्दों को लेकर सियासत एक बार फिर गरमाती नजर आ रही है।


