एसकेएम इंटर कॉलेज मान्यता घोटाला: दो स्कूल एक ही भवन में—त्रिस्तरीय जांच में फर्जीवाड़ा उजागर, अब हाईकोर्ट में नई याचिका पर विवाद तेज

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प्रबंधक अवधेश मिश्रा व प्रधानाचार्य रीता मिश्रा पर गंभीर आरोप
प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई न करने के बाद “ कोर्ट को भ्रमित किया गया”

नवाबगंज,फर्रुखाबाद।एसकेएम इंटर कॉलेज चाँदपुर नवाबगंज कायमगंज से जुड़े मान्यता घोटाले का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। कॉलेज के प्रबंधक अवधेश कुमार मिश्रा और उनकी पत्नी व प्रधानाचार्य रीता मिश्रा पाठक पर आरोप है कि उन्होंने एक ही भूमि और भवन पर दो संस्थानों— कृष्णा पब्लिक स्कूल,एसकेएम इंटर कॉलेज की अलग-अलग फर्जी मान्यताएँ प्राप्त कीं।
तत्कालीन जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह के आदेश पर गठित त्रिस्तरीय जांच समिति मे एसडीएम कायमगंज,
जिला विद्यालय निरीक्षक (डॉ. आदर्श कुमार त्रिपाठी), बेसिक शिक्षा अधिकारी (लालजी यादव)थे।
ने जांच में पाया कि स्कूल प्रबंधन ने गलत तथ्यों के आधार पर मान्यताएँ प्राप्त की थीं।
जांच रिपोर्ट के बाद जिलाधिकारी मान्यता प्रत्याहरण(रद्द करने) की रिपोर्ट शासन को भेज दी थी।
पहली रिट में हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी के आदेश को सही और संवैधानिक माना लेकिन प्रबंधक अवधेश मिश्रा ने डीएम के आदेश को चुनौती देते हुए रिट याचिका संख्या 15120/2021 दाखिल की, जिसे हाईकोर्ट ने सही ठहराया और डीएम के आदेश को संवैधानिक मानते हुए निर्णय दिया।
फिर हाईकोर्ट को भ्रमित करने का प्रयास करते हुए दूसरी स्पेशल रिट दाखिल की।
आरोप है कि इसके बाद प्रबंधक अवधेश ने अदालत को भ्रमित करने के उद्देश्य से स्पेशल रिट संख्या 55/2022 दाखिल की।
इस बार निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने पूर्व जांच को खंडित बताकर स्वयं जांच कर मान्यता प्रत्याहरन की प्रक्रिया को खत्म कर दिया।
इसी निर्णय को लेकर फिर विवाद गहराया।
शिकायतकर्ता शरद कटियार का आरोप है कि “डीएम के आदेश का पालन रोकने में अधिकारियों की मिलीभगत” हुईं।
इस मामले में शरद कटियार ने डीएम से बार-बार आदेश का अनुपालन कराने की माँग की।
उनके प्रत्यावेदन पर तत्कालीन एसपी अशोक कुमार मीणा ने जांच कर पाया कि मामले में कार्रवाई जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) द्वारा की जानी चाहिए।
इसके बाद तत्कालीन डीएम संजय कुमार सिंह ने DIOS को 6 मार्च 2022 को आदेश जारी कर 10 मार्च तक कार्रवाई की रिपोर्ट भेजने को कहा था।लेकिन आरोप है कि,
राजेश अग्निहोत्री (क्लर्क),
राजीव यादव (कर्मचारी),
नरेंद्र पाल सिंह DIOS)
ने प्रबंधक अवधेश मिश्रा से मिलीभगत कर कोई कार्रवाई नहीं की।
शिकायतकर्ता का कहना है कि वह लगातार पत्राचार करते रहे, हाल ही में 1 नवंबर को भी जिलाधिकारी से कार्रवाई की माँग की गई थी।
आरोप है कि कार्रवाई न हो, इसलिए प्रबंधक अवधेश मिश्रा ने हाईकोर्ट में नई याचिका दायर की है।
शरद कटियार ने कहा—
“हम पूरे प्रकरण को हाईकोर्ट में रखेंगे। यह भी बताएँगे कि याचिकाकर्ता ने पूर्व में भी न्यायालय को भ्रमित किया था। उसने हाईकोर्ट में कहा था कि एसकेएम इंटर कॉलेज ‘वित्तपोषित’ है, जबकि यह कॉलेज वित्तविहीन है।”
इस मामले की हाईकोर्ट में प्रस्तावित है।शरद कटियार का कहना है कि वह सभी दस्तावेजों सहित मुख्य तथ्यों को न्यायालय में प्रस्तुत करेंगे।

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