कासगंज। जनपद के अमांपुर थाना क्षेत्र में छह माह की गर्भवती महिला की उपचार के दौरान मौत का मामला सामने आने से स्वास्थ्य विभाग और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पीड़ित पति ने एटा रोड स्थित एक निजी क्लीनिक की संचालिका पर लापरवाही और गलत उपचार का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है, वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) स्तर से भी मामले की पड़ताल की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, अमांपुर थाना क्षेत्र निवासी जितेंद्र कुमार पुत्र पुष्पेंद्र की पत्नी भगवानश्री छह माह की गर्भवती थीं। बीती 19 जनवरी को उन्हें तेज बुखार आया, जिसके बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए एटा रोड स्थित राजकुमारी के क्लीनिक पर लेकर पहुंचे। आरोप है कि क्लीनिक संचालिका ने हालत सही करने का भरोसा दिलाकर महिला को भर्ती कर लिया और ड्रिप चढ़ानी शुरू कर दी। ड्रिप के दौरान इंजेक्शन भी लगाया गया, जिसके कुछ ही समय बाद महिला की हालत अचानक बिगड़ने लगी।
पीड़ित पति का आरोप है कि उपचार के दौरान महिला की नाक, कान, हाथ और पैर काले पड़ने लगे, जिससे परिजन घबरा गए। स्थिति गंभीर देख आनन-फानन में महिला को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया और स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना के बाद पीड़ित पति ने अमांपुर थाना पुलिस को तहरीर देकर क्लीनिक संचालिका पर गलत उपचार और लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया है। सीएमओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्लीनिक में दिया गया उपचार मानकों के अनुरूप था या नहीं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर आक्रोश है और वे दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


