हापुड़: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बांग्लादेशी महिला (Bangladeshi woman) ने कथित तौर पर स्थानीय निवासी से शादी करके भारतीय पहचान पत्र और मतदाता पहचान पत्र प्राप्त कर लिया। गढ़मुक्तेश्वर पुलिस स्टेशन के प्रभारी देवेंद्र सिंह बिष्ट के अनुसार, यह घटना दौताई गांव में घटी। महिला की पहचान महमूदा बेगम के रूप में हुई है, जिसने कथित तौर पर गांव आने के बाद अपना नाम बदलकर रानी रख लिया था।
पुलिस ने बताया कि दौताई निवासी मोहम्मद मसरौफ की मुलाकात महमूदा से सऊदी अरब में काम करते समय हुई थी। जब वह भारत लौटा, तो महमूदा भी उसके साथ आ गई। दोनों ने 11 फरवरी, 2021 को दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन औलिया में शादी की, जिसके बाद मसरौफ उसे अपने पैतृक गांव ले आया।
2024 में, महमूदा ने कथित तौर पर ग्राम प्रधान के लेटरहेड पर जारी किए गए एक पत्र का उपयोग करके ‘रानी’ नाम से मतदाता पहचान पत्र प्राप्त किया। भारतीय कानून के अनुसार, केवल भारतीय नागरिक ही मतदाता पहचान पत्र प्राप्त करने के पात्र हैं। इस दस्तावेज़ के जारी होने से स्थानीय अधिकारियों द्वारा सत्यापन में हुई चूक को लेकर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं।
ग्राम प्रधान ने दावा किया है कि दस्तावेज़ प्राप्त करने के लिए इस्तेमाल किया गया लेटरहेड फर्जी है और उन्होंने इस मामले से खुद को अलग कर लिया है।सोशल मीडिया पर जासूसी से जुड़े होने की अपुष्ट अफवाहों समेत कई आरोपों के बीच महमूदा और मसरौफ फिलहाल फरार हैं। ग्रामीणों और परिवार के सदस्यों का कहना है कि उन्हें उनके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
मसरूफ की मां ने बताया कि चार साल पहले शादी को लेकर परिवार में तीखी बहस हुई थी और उन्होंने कहा कि उन्हें दंपति के वर्तमान ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। दस्तावेजों के सामने आने के बाद पुलिस और अन्य एजेंसियों ने तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। गढ़ कोतवाली प्रभारी ने बताया कि गहन जांच चल रही है और जल्द ही मामला दर्ज किया जाएगा, जिसके आधार पर जांच के नतीजे आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


