लखनऊ। भारत निर्वाचन आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर उत्तर प्रदेश के ताजा आंकड़े जारी किए हैं। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 12.55 करोड़ मतदाताओं के फार्म जमा हुए, लेकिन SIR की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 2.88 करोड़ मतदाता कम हो गए हैं। यह कमी कुल मतदाताओं का 18.70 प्रतिशत बताई जा रही है।
जारी आंकड़ों के मुताबिक गाजियाबाद में सबसे अधिक 31 लाख मतदाता सूची से कम हुए हैं, जबकि लखनऊ में सबसे ज्यादा 30 प्रतिशत मतदाताओं के नाम कटे हैं। वहीं ललितपुर में सबसे कम 9.96 प्रतिशत मतदाताओं की कमी दर्ज की गई है।
चुनाव आयोग के अनुसार SIR के दौरान मृत मतदाताओं, स्थानांतरित नागरिकों, डुप्लीकेट एंट्री और अपात्र नामों को हटाया गया है। आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है।
हालांकि, प्रदेश के कई जिलों में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम कटने को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर आपत्ति और पुनरीक्षण की प्रक्रिया भी तेज हो सकती है।






