फर्रुखाबाद। समग्र शिक्षा अभियान एवं पीएम श्री योजना के तहत जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) रजलामई में सोमवार से शुरू हुए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया। जिले के विभिन्न परिषदीय उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों से आए शिक्षक-शिक्षिकाओं को बुनियादी सुविधाओं के अभाव में पूरे दिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
डायट में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालयों में स्थापित स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और डिजिटल लाइब्रेरी के प्रभावी संचालन एवं उनके शैक्षणिक उपयोग की जानकारी देना है। उप शिक्षा निदेशक एवं डायट प्राचार्य अनुपम अवस्थी द्वारा जारी पत्र के अनुसार प्रशिक्षण को तीन बैचों में आयोजित किया गया है। प्रथम बैच का प्रशिक्षण 9 से 10 मार्च, द्वितीय बैच का 11 से 12 मार्च तथा तृतीय बैच का प्रशिक्षण 13 से 14 मार्च तक निर्धारित किया गया है। प्रत्येक चयनित विद्यालय से एक प्रधानाध्यापक और एक सहायक अध्यापक को प्रशिक्षण के लिए नामित किया गया है।
लेकिन प्रशिक्षण के पहले ही दिन व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आई। दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों से आए शिक्षक-शिक्षिकाओं को न तो भोजन की कोई व्यवस्था मिली और न ही पीने के पानी की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई गई। पूरे दिन शिक्षक पानी और खाने के लिए परिसर के बाहर भटकते रहे। इससे प्रशिक्षण में आए प्रतिभागियों में नाराजगी देखी गई।
शिक्षकों का कहना है कि जब पूरे जनपद से सैकड़ों शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया है तो कम से कम बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था करना विभाग की जिम्मेदारी है। पहले ही दिन की बदहाल व्यवस्थाओं ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षकों ने प्रशासन से व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है, ताकि आगामी सत्रों में प्रतिभागियों को इस तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
डायट में प्रशिक्षण के पहले ही दिन अव्यवस्थाओं का बोलबाला, भूखे-प्यासे भटकते रहे शिक्षक


