मंत्री ने डीएम को लिखा पत्र
फर्रुखाबाद| थाना जहानगंज क्षेत्र के गांव आलूपुर में लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए जा रहे मार्ग चौड़ीकरण कार्य को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। किसानों का आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर किसी विशेष व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सड़क की दिशा बदली जा रही है और उनकी जमीन जबरन अधिग्रहित करने की कोशिश हो रही है। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि बिना सहमति और मुआवजे के वे अपने खेतों में किसी भी कीमत पर जेसीबी नहीं चलने देंगे।
भाजपा नेता शैलेंद्र राजपूत के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर मौजूद नक्शे के विपरीत कार्य कराया जा रहा है और अवर अभियंता के साथ आए लोगों द्वारा किसानों से अभद्रता तथा गाली-गलौज भी की गई।
मामला तूल पकड़ने पर किसान प्रतिनिधिमंडल लखनऊ पहुंचा और पशुधन एवं दुग्ध विकास कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह से मिला। मंत्री ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी को पत्र लिखकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नियम विरुद्ध तरीके से किसी भी किसान की जमीन नहीं ली जाएगी। उन्होंने कहा है कि मौके पर परीक्षण कराकर ही आगे की कार्रवाई की जाए और यदि अधिग्रहण की स्थिति बनती है तो किसानों की सहमति के साथ विधिसम्मत प्रतिकार व उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जाए।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक संरक्षण में दबाव बनाकर खेतों में सड़क निकाली जा रही है, जबकि मूल प्रस्तावित नक्शे में ऐसा कोई प्रावधान नहीं था। किसानों ने मांग की है कि यदि सार्वजनिक हित में जमीन ली जानी अनिवार्य है तो पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए और बाजार दर पर मुआवजा दिया जाए।
शैलेंद्र राजपूत ने दो टूक कहा कि वह किसानों के साथ खड़े हैं और यदि नियमों की अनदेखी कर निर्माण कार्य कराया गया तो आंदोलन और धरना देने से पीछे नहीं हटेंगे। इस दौरान गेंदालाल राजपूत, सर्वेश प्रजापति, मुकेश राजपूत, राम लखन, विक्की श्रीवास्तव, उदयवीर, शीलू, नंदकिशोर सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
अब सबकी निगाह जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है। यदि जांच में अनियमितता साबित होती है तो यह मामला केवल एक गांव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया और विभागीय जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े करेगा।





