नई दिल्ली। गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा। बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक तेज गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 76,704.13 के मुकाबले करीब 1953 अंकों की गिरावट के साथ 74,750.92 पर खुला, जबकि निफ्टी भी 580 अंकों से अधिक टूटकर 23,197.75 के स्तर पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स में 1600 अंकों से ज्यादा की गिरावट बनी रही और निफ्टी 23,300 के नीचे फिसल गया।
बाजार में इस गिरावट की मुख्य वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव बताया जा रहा है, जिससे वैश्विक बाजारों पर दबाव बना हुआ है। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ देखने को मिला। खासकर बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों में भारी बिकवाली हुई, जिसमें एचडीएफसी बैंक सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में शामिल रहा। इसके अलावा लार्सन एंड टुब्रो, श्रीराम फाइनेंस, एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे दिग्गज शेयरों में 3 प्रतिशत या उससे अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
मिडकैप शेयरों में भी दबाव देखने को मिला। वोल्टास के शेयर में करीब 4.8 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि हिंदुस्तान पेट्रोलियम और एस्कॉर्ट्स कुबोटा में 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा पेट्रोनेट एलएनजी, केपीआईटी टेक्नोलॉजीज, गोदरेज प्रॉपर्टीज, डिक्सन टेक्नोलॉजीज और जुबिलेंट फूडवर्क्स के शेयरों में भी 3.8 से 4.1 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई।
हालांकि, गिरते बाजार के बीच कुछ कंपनियों से सकारात्मक खबरें भी सामने आईं। हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी को बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन से गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना के चौथे चरण के निर्माण के लिए करीब 1662 करोड़ रुपये का बड़ा ठेका मिला है। वहीं पटेल इंजीनियरिंग को हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन से रेणुका जी बांध परियोजना के लिए 910 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है, जिससे उसके शेयरों में हल्की बढ़त देखने को मिली।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक परिस्थितियों में सुधार होने तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल सतर्कता बरतने और सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों के डूबे 8.4 लाख करोड़ रूपये


