– पुलिस रिपोर्ट को बताया तथ्यहीन
– कोर्ट जाने दौरान जिला प्रशासन को दिखता खतरा
– कोर्ट के बाहर भी तो माफिया तंत्र रहता सक्रिय
फर्रुखाबाद/लखनऊ: दैनिक यूथ इंडिया (Youth india) के संपादक शरद कटियार (Sharad Katiyar) ने फर्रुखाबाद जिला सुरक्षा समिति द्वारा फतेहगढ़ न्यायालय आने–जाने हेतु प्रदान की गई सुरक्षा को तत्काल प्रभाव से शनिवार जिलाधिकारी को पत्र सौंप वापस करने की घोषणा कर दी और अकेले कचहरी तारीख पेशी पर मौजूद रहकर न्यायालय के समक्ष अपनी बात रखी और फर्जी मुकदमा खत्म करने की अर्जी लगाई , साथ ही लखनऊ में भी प्रवास के दौरान मिली सुरक्षा को वापस कर देने का निर्णय लिया है।
साफ कहा कि कुछ सफेदपोशों के दबाव में षड्यंत्र के तहत उनकी व उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर झूठी भ्रामक रिपोर्ट प्रेषित कर भ्रमित किया जा रहा है, माफिया तंत्र अपनी मनमानी करवाने में हो रहा है सफल, अगर कोई अनहोनी हो भी जाती है तो उन्हें किसी से शिकायत नहीं ईश्वर का फैसला मानेंगे। उन्होंने यह निर्णय फर्रुखाबाद जिला प्रशासन द्वारा तथ्यों के विपरीत रिपोर्ट भेजे जाने के बाद लिया है।
अपने पत्र में शरद कटियार ने कहा कि वे कई बार पूर्व प्रदत्त सुरक्षा बहाल होने तथा अपने रिवॉल्वर लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन कर चुके हैं। इस मामले में उन्होंने मुख्यमंत्री समेत प्रदेश के वरिष्ठ मंत्रियों सुरेश कुमार खन्ना,जयवीर सिंह, स्वतंत्र देव सिंह साथ ही मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव (गृह) और पुलिस महानिदेशक तक पत्राचार किया था।
लेकिन इसके बावजूद उनकी सुरक्षा पूर्व मे जिला प्रशासन फर्रुखाबाद द्वारा शासन मे संस्तुति भेजे जाने के बाद भी एक नेता के दवाव मे समाप्त कर दी गई और वास्तविक परिस्थिति उच्चाधिकारियों को निष्पक्ष रूप से अवगत नहीं कराई गई। उत्तर प्रदेश शासन के अनुभाग 17, (गृह विभाग) द्वारा सुरक्षा हटाए जाने के कारण जिला प्रशासन सब कुछ जानकार भी चुप है और भ्रामक रिपोर्ट देने के लिए विवश सा प्रतीत हो रहा।
शरद कटियार ने 19 नवंबर 2025 को पुलिस अधीक्षक फ़तेहगढ़ द्वारा भेजी गई रिपोर्ट पर कड़ी आपत्ति जताई।उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में यह लिखा गया कि वे “लखनऊ में परिवार सहित रह रहे हैं” और फर्रुखाबाद कभी कभार आना रहता है,“वर्तमान में कोई वास्तविक जीवन-भय परिलक्षित नहीं होता।” जबकि यही पुलिस पूर्व में उन्हें माफिया से जीवन भाई का खतरा बाप शासन को सुरक्षा बढ़ाई जाने की संस्तुति कर चुकी है।
जबकि कटियार का कहना है कि—
उनकी 4 वर्षीय पुत्री डीपीएस फर्रुखाबाद की छात्रा है, उनका यूथ इंडिया का पंजीकृत प्रेस भूपत पट्टी, फर्रुखाबाद में संचालित है, उनका पुश्तैनी मकान भी वहीं स्थित है, और झूठे मुकदमों व प्रेस संचालन के चलते उनका दैनिक आवागमन फर्रुखाबाद में ही रहता है।
उन्होंने कहा कि इन स्पष्ट तथ्यों के बावजूद पुलिस द्वारा माफिया तंत्र के करीबी स्थानीय कुछ नेताओं के दबाव मे “जानबूझकर भ्रामक रिपोर्ट भेजी गई”, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
शरद कटियार ने लिखा कि परिस्थितियाँ बताती हैं कि प्रशासन और शासन की मंशा उनके प्रति प्रतिकूल दिखाई देती है, इसलिए वे न्यायालय फतेहगढ़ मे तारीख पेशी के दौरान प्राप्त सुरक्षा भी वापस कर रहे हैं। अगर प्रभु श्री राम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार के संरक्षक हैं तो उनके भी हैं राम किसी की बपौती नहीं वह राम की आस में अपनी सुरक्षा स्वयं कर लेंगे उनका गैर जिम्मेदार सरकारी तंत्र से भरोसा उठ गया है।
उन्होंने कहा “मैं यह मानने को विवश हूँ कि वर्तमान परिस्थितियों में उत्तर प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा की कोई व्यवस्था शेष नहीं है। जब एक पत्रकार को वास्तविक खतरों के बावजूद सुरक्षा से वंचित किया जा सकता है, तब यह लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।”


