शिविर के पास संदिग्ध गतिविधियों से बढ़ी चिंता; भक्तों ने लगाए सीसीटीवी कैमरे
प्रयागराज: ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Shankaracharya Swami Avimukteshwarananda) सरस्वती का धरना शनिवार को लगातार सातवें दिन भी जारी रहा। मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) के अवसर पर पालकी से संगम स्नान के लिए जाते समय रोके जाने के बाद से वे त्रिवेणी मार्ग स्थित अपने शिविर के सामने फुटपाथ पर धरने पर बैठे हैं। शंकराचार्य अधिकारियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग पर अड़े हुए हैं और जब तक माफी नहीं मांगी जाती, तब तक धरना समाप्त करने से इनकार कर रहे हैं।
धरने के बीच शुक्रवार रात शिविर के आसपास संदिग्ध लोगों की आवाजाही देखे जाने के बाद शंकराचार्य के अनुयायियों और भक्तों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। आशंका जताई जा रही है कि प्रशासन द्वारा उनकी रेकी कराई जा रही है और किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी को देखते हुए शंकराचार्य की सुरक्षा के लिए शिविर के आसपास 10 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर नजर रखी जा रही है।
शंकराचार्य का आरोप है कि मौनी अमावस्या के दिन उन्हें संगम स्नान से रोका गया, उनके साथ चल रहे साधु-संतों और सेवादारों को पुलिस ने बाल पकड़कर घसीटा और बेरहमी से पिटाई की। उन्होंने दावा किया कि सादे कपड़ों में आए पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया और जबरन पालकी से नीचे उतारने की कोशिश की। उनका कहना है कि यदि वे नीचे उतरते तो उनके साथ कोई भी अप्रिय घटना हो सकती थी। उन्होंने इसे प्रशासनिक ज्यादती करार देते हुए जिम्मेदार अधिकारियों से माफी की मांग की है।
शंकराचार्य के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगीराज ने बताया कि रात के समय कई संदिग्ध लोग शिविर के आसपास देखे गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अंधेरे का फायदा उठाकर मेला प्रशासन के कुछ कर्मचारी चुपके से नोटिस चस्पा कर चले जाते हैं और शंकराचार्य की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। योगीराज ने कहा कि सादी वेशभूषा में खुफिया एजेंसियों के लोग भी लगातार निगरानी कर रहे हैं, ऐसे में किसी भी साजिश से बचने के लिए कैमरे लगाना जरूरी हो गया था।
धरने को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी हलचल तेज है। शंकराचार्य से मिलने के लिए कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी, किसान यूनियन समेत कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि पहुंच चुके हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने फोन पर शंकराचार्य से बातचीत कर घटना पर दुख जताया और समर्थन व्यक्त किया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह भी शिविर में पहुंचकर शंकराचार्य से मुलाकात कर चुके हैं।
वहीं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी शंकराचार्य से मिलकर उनसे अनशन और धरना समाप्त करने तथा संगम स्नान करने का आग्रह किया है, लेकिन शंकराचार्य अपने फैसले पर अडिग बने हुए हैं। फिलहाल प्रयागराज में यह धरना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है और पूरे प्रदेश में इस मामले को लेकर राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं।


