लखनऊ: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले तीन दिनों तक उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में कड़ाके की ठंड (Severe cold) पड़ने की भविष्यवाणी की है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 18 से 21 दिसंबर तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में शीत ऋतु का प्रकोप रहेगा और सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो सकती है। मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक डॉ. एके सिंह ने बताया कि निचले वायुमंडल में व्याप्त प्रतिकूल परिस्थितियों, उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण राज्य में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। तराई और मैदानी इलाकों में ठंड का विशेष प्रभाव महसूस होगा।
मौसम विज्ञान विभाग के मानकों के अनुसार, जब मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे कम हो जाता है और सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस कम रहता है, तो उसे शीत दिवस कहा जाता है। वहीं, यदि अधिकतम तापमान सामान्य से 6.5 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो जाता है, तो उसे भीषण शीत दिवस माना जाता है।
मौसम विभाग के अनुसार, देर रात से लेकर सुबह तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में घना से बहुत घना कोहरा छाया रहेगा। कई स्थानों पर दृश्यता 50 मीटर से भी कम हो सकती है। इससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित होने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि पहले दिन पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों में घने कोहरे के कारण ठंड का प्रकोप हो सकता है। कुछ जिलों में बहुत घना कोहरा भी छा सकता है।
दूसरी ओर, दूसरे दिन भी राज्य के बड़े हिस्से में ठंड का असर जारी रहेगा। कई जिलों में ठंड और कुछ जिलों में भीषण ठंड की स्थिति बनी रह सकती है। सुबह के समय घने कोहरे से यातायात प्रभावित हो सकता है। वहीं तीसरे दिन भी ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है। विशेष रूप से तराई क्षेत्रों में बहुत घना कोहरा और ठंड बनी रह सकती है।
मौसम विभाग ने आम जनता को सुबह और देर रात अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने, गर्म कपड़े पहनने और बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। चालकों से अपील की गई है कि वे कोहरे के दौरान धीमी गति से वाहन चलाएं, फॉग लाइट का उपयोग करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।


