– फर्रुखाबाद सहित कई जिलों में शिक्षकों के विद्यालयों के नाम और पते अनंतरिम सूची से गायब
– चुनाव प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में होने वाले शिक्षक निर्वाचन (Teacher Election) 2026 से पहले मतदाता सूची को लेकर बड़ी समस्या सामने आई है। प्रदेश के कई जिलों—विशेषकर फर्रुखाबाद—में जारी अनंतरिम मतदाता सूची में शिक्षकों की महत्वपूर्ण जानकारी, जैसे विद्यालय का नाम और पता, बड़े पैमाने पर गायब है।
फर्रुखाबाद जिले के 13 मतदान बूथों में तो लगभग एक जैसी त्रुटियाँ दर्ज की गई हैं, जिससे पूरे चुनावी सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं।चुनाव आयोग की ओर से बताया गया है कि मतदाता सूची अपडेट के दौरान आयोग का डिजिटल सिस्टम बाधित हुआ, जिसके कारण
मतदाता-विद्यालय लिंक दर्ज नहीं हुआ,कई शिक्षकों का पता सूची से हट गया,कुछ प्रविष्टियाँ खाली रह गईं,अधिकारियों का कहना है कि समस्या तकनीकी है और इसे ठीक किया जा रहा है।
विद्यालय का नाम गायब होने से प्रत्याशी यह जान ही नहीं पा रहे कि कौन-सा शिक्षक किस विद्यालय का है।शिक्षक चुनाव में यह जानकारी चुनावी रणनीति और संपर्क अभियान की मुख्य कड़ी होती है।इसके अभाव में प्रत्याशियों को व्यापक नुकसान होने की आशंका है।
शिकायतें कानपुर, अयोध्या, मेरठ, शाहजहाँपुर, गोरखपुर, बरेली सहित कई जिलों से भी मिल रही हैं।हर जगह शिक्षकों ने एक जैसी समस्याएँ बताई हैं,डेटा मिसमैच,अपूर्ण प्रविष्टियाँ,पता और विद्यालय नाम का न होना शामिल है।शिक्षक संगठनों की नाराज़गी“मतदाता सूची अपूर्ण, त्रुटिपूर्ण और गैर-प्रमाणिक”
प्रदेश भर के विभिन्न शिक्षक संगठनों ने चुनाव आयोग से मांग की है कि—
अनंतरिम सूची तुरंत वापस ली जाए,
सभी जिलों में डेटा पुनः सत्यापित हो,संशोधित सूची नई तिथि के साथ जारी की जाए।
उनका कहना है कि अपूर्ण मतदाता सूची जारी करना चुनाव की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकता है।
मामले पर प्रदेश चुनाव आयोग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जबकि शिक्षक समुदाय और प्रत्याशियों में बढ़ती चिंता साफ देखी जा सकती है।


