बरेली। क्योलड़िया थाना पुलिस ने सवा साल पहले लापता हुई किशोरी की हत्या और वर्ष 2017 में हुई महिला हत्या का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी सलीम हुसैन और आसिम उर्फ अमित उर्फ डॉ. बंगाली पश्चिम बंगाल भागने की फिराक में थे, जिन्हें 11 फरवरी को भौआ बाजार के आगे दबोच लिया गया।
मामले की शुरुआत आठ जनवरी 2025 को हुई थी, जब एक गांव निवासी ने अपनी 16 वर्षीय पुत्री के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के दौरान सितंबर 2025 में कैलाश नदी किनारे गन्ने के खेत से किशोरी की सिर की चोटी, कपड़े और हड्डियां बरामद की। डीएनए जांच में यह पुष्टि हुई कि बरामद अवशेष किशोरी के ही हैं। मोबाइल और सीडीआर जांच में सलीम हुसैन की संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं।
जांच में सलीम पॉलीग्राफ टेस्ट के नोटिस से घबराकर भाग गया, लेकिन पुलिस ने उसे और डॉ. बंगाली को दबोच लिया। पूछताछ में सलीम ने कबूल किया कि किशोरी से उसका प्रेम प्रसंग था और उसने उसे गन्ने के खेत में बुलाकर गला दबाकर हत्या की। शव को खेत में फेंक दिया और मोबाइल नदी में बहा दिया। वहीं, डॉ. बंगाली ने वर्ष 2017 में अपनी पत्नी रजनी की हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकारी।
एसपी उत्तरी मुकेश कुमार मिश्र ने बताया कि सर्विलांस, साइबर सेल और एसओजी की संयुक्त टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले का खुलासा किया। दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई जारी है और चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी चल रही है। सलीम और डॉ. बंगाली का आपराधिक इतिहास गंभीर है, जिसमें हत्या, लूट, अपहरण और पॉक्सो एक्ट के मामले शामिल हैं।


