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Friday, January 16, 2026

सड़क दुर्घटना पीड़ितों के नगदी रहित इलाज, राहवीर और हिट एंड रन योजनाओं पर पुलिस लाइन में संगोष्ठी

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फर्रुखाबाद: जनपद में सड़क दुर्घटनाओं (road accident) में घायल लोगों को त्वरित और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आज 16 जनवरी 2026 को पुलिस लाइन सभागार में एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी पुलिस अधीक्षक महोदया श्रीमती आरती सिंह के निर्देशन में तथा अपर पुलिस अधीक्षक श्री अरुण कुमार सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। कार्यक्रम में जनपद के सभी क्षेत्राधिकारी और थाना अध्यक्षों की उपस्थिति रही। संगोष्ठी में एआरटीओ प्रवर्तन श्री सुभाष राजपूत तथा जिला रोल आउट मैनेजर श्री दीपक कुमार ने भी प्रतिभाग किया।

संगोष्ठी के दौरान एआरटीओ प्रवर्तन ने जानकारी दी कि भारत सरकार द्वारा सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस ट्रीटमेंट की सुविधा लागू की जा रही है। इसके अंतर्गत दुर्घटना में घायल व्यक्ति को सात दिनों तक अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चिकित्सा विभाग एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कैशलेस उपचार की पूरी प्रक्रिया को जिला रोल आउट मैनेजर दीपक कुमार द्वारा पीपीटी के माध्यम से विस्तारपूर्वक समझाया गया।

इसके साथ ही एआरटीओ द्वारा राह-वीर योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा यह योजना 21 अप्रैल 2025 से प्रारंभ की गई है, जो 31 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगी। योजना के अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति घातक सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को दुर्घटना के बाद एक घंटे के भीतर, यानी गोल्डन ऑवर में, अस्पताल पहुंचाता है तो उसे 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इस योजना में गंभीर सर्जरी, कम से कम तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती रहना, मस्तिष्क या रीढ़ की हड्डी की चोट तथा इलाज के दौरान मृत्यु के मामलों को शामिल किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि राह-वीर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।

संगोष्ठी में हिट एंड रन मोटर दुर्घटना पीड़ित मुआवजा योजना-2022 पर भी विस्तार से चर्चा की गई। एआरटीओ ने बताया कि अज्ञात वाहन से हुई सड़क दुर्घटना में मृत्यु की स्थिति में पीड़ित के परिजनों को 2 लाख रुपये तथा गंभीर रूप से घायल होने पर 50 हजार रुपये के मुआवजे का प्रावधान है। मुआवजा प्राप्त करने के लिए दुर्घटना स्थल के उप जिलाधिकारी के समक्ष प्रारूप-1 में आवेदन किया जा सकता है, जिसमें आधार कार्ड, बैंक पासबुक, एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट या इलाज से संबंधित साक्ष्य एवं प्रारूप-4 में वचनबद्धता पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा। आवेदन पत्र में इलाज करने वाले अस्पताल या चिकित्साधिकारी का नाम तथा दावाकर्ता का पूरा विवरण भरना होगा।

अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025 में जनपद में हिट एंड रन की कुल 109 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 89 लोगों की मृत्यु हुई तथा 81 लोग घायल हुए। संगोष्ठी के माध्यम से पुलिस एवं परिवहन विभाग के अधिकारियों को इन योजनाओं के प्रति संवेदनशील बनाते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ितों को समय पर सहायता और न्याय मिल सके।

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