लखनऊ / चंदौली। उत्तर प्रदेश प्रशासन में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। एसडीएम सतीश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई सरकारी भूमि और ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जाधारियों को लाभ पहुंचाने के गंभीर आरोपों के बाद की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सतीश कुमार पर नियमों के विरुद्ध आदेश पारित करने का आरोप है। सरकार ने मामले को गंभीर मानते हुए सख्त रुख अपनाया और तत्काल प्रभाव से निलंबन का आदेश जारी किया।
मुगलसराय में अवैध कब्जाधारियों के पक्ष में आदेश देने का आरोप
आरोप है कि सतीश कुमार ने चंदौली जिले के पंडित दीन दयाल नगर (मुगलसराय) क्षेत्र में तैनाती के दौरान सरकारी और ग्राम समाज की जमीन से जुड़े मामलों में अवैध कब्जाधारियों के पक्ष में आदेश पारित किए। इससे सरकारी भूमि की सुरक्षा और प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए।
शासन स्तर पर स्पष्ट किया गया है कि सरकारी जमीन से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की मनमानी, लापरवाही या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी कड़ी में यह कार्रवाई की गई है।
सूत्रों के मुताबिक—
सतीश कुमार की लगभग 8 माह पूर्व एटा में तैनाती हुई थी
करीब 6 माह तक नगर पालिका परिषद एटा में ईओ (अधिशासी अधिकारी) का चार्ज संभाला
इसके बाद वे एएसडीएम पद पर कार्यरत रहे।
हाल ही में उनके खिलाफ आई शिकायतों के आधार पर पूरे मामले की जांच कराई गई, जिसके बाद निलंबन का फैसला लिया गया।
निलंबन के साथ ही मामले में विभागीय जांच के संकेत भी दिए गए हैं। जांच में दोष सिद्ध होने पर आगे और कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
एसडीएम सतीश कुमार का निलंबन यह साफ दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश सरकार सरकारी भूमि की सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करने वाली है। यह कार्रवाई अन्य अधिकारियों के लिए भी एक सख्त संदेश मानी जा रही है।


