शिक्षक पर दो आढ़त फर्म चलाने का आरोप
फर्रुखाबाद| विकासखंड मोहम्मदाबाद क्षेत्र से शिक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। प्राथमिक विद्यालय नगला नारायन में तैनात सहायक अध्यापक शैलेंद्र यादव (कोड संख्या 64/2147) पर आरोप है कि वे बच्चों को शिक्षा देने की जिम्मेदारी निभाने के बजाय सातनपुर आलू मंडी में आढ़त का कारोबार संभाल रहे हैं। मामला केवल अनुपस्थिति का नहीं, बल्कि सरकारी सेवा नियमों की खुली अनदेखी का बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार शैलेंद्र यादव के नाम से आढ़त लाइसेंस संख्या एल 2018/78/80007387 के तहत “शैलेंद्र कुमार एंड कंपनी” संचालित है। इसके अतिरिक्त “श्री साई ट्रेडर्स” नाम से लाइसेंस संख्या एल 2019/78/56814866 की दूसरी फर्म भी सक्रिय बताई जाती है। आरोप है कि शिक्षक प्रतिदिन सुबह स्कूल समय में मंडी पहुंचकर अपनी दोनों फर्मों पर आलू की खरीद-फरोख्त में जुट जाते हैं, जबकि विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार विद्यालय समय पर शिक्षक की अनुपस्थिति देखी गई है। इससे न केवल शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है, बल्कि अभिभावकों में भी नाराजगी बढ़ रही है। सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि शिक्षक पूर्णकालिक सरकारी सेवा में हैं, तो फिर दो-दो व्यापारिक फर्मों का संचालन किस अनुमति से किया जा रहा है?
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि संबंधित शिक्षक खुलेआम यह कहते हैं कि खंड शिक्षा अधिकारी से लेकर जिला स्तर तक सबको जानकारी है और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। यदि ऐसा है तो यह शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
मंडी रोड पर लगी बड़ी-बड़ी होर्डिंग्स में उनके व्यापारिक प्रतिष्ठानों का प्रचार खुलेआम देखा जा सकता है। ऐसे में यह प्रश्न स्वाभाविक है कि क्या विभागीय अधिकारियों की नजर इस ओर नहीं गई या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है।
अब पूरा मामला जिला प्रशासन और बेसिक शिक्षा विभाग के संज्ञान में है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं तो यह सरकारी सेवा नियमावली का स्पष्ट उल्लंघन माना जाएगा। अभिभावक और स्थानीय नागरिक इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि शिक्षा व्यवस्था की गरिमा और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ न हो।





