नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में लगातार बिगड़ते वायु प्रदूषण के मुद्दे से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के लिए 17 दिसंबर की तारीख तय की है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले में ऐसे प्रभावी आदेश पारित करेगी, जो व्यवहारिक हों और जमीन पर लागू किए जा सकें। अदालत ने संकेत दिए हैं कि प्रदूषण को लेकर सख्त रुख अपनाया जा सकता है।
इसी दिन सुप्रीम कोर्ट गीतांजलि जे अंगमो द्वारा दायर याचिका पर भी सुनवाई करेगा। गीतांजलि जेल में बंद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी हैं। याचिका में सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत हिरासत को सत्ता की ताकत का मनमाना इस्तेमाल बताया गया है। याचिकाकर्ता ने उनकी हिरासत को अवैध बताते हुए राहत की मांग की है।
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले पर भी सुनवाई करेगा। यह याचिका वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा की ओर से दायर की गई है, जिसमें शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ मानहानि के आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में भी शीर्ष अदालत के रुख पर सभी की नजरें टिकी हैं।
सुप्रीम कोर्ट राजस्थान के चर्चित ‘फलोदी हादसे’ से जुड़े मामले में स्वतः संज्ञान याचिका पर भी सुनवाई करेगा। इसके साथ ही अदालत ऑटिज्म से प्रभावित व्यक्तियों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर दिशानिर्देश तय करने के लिए विशेषज्ञ पैनल के गठन से संबंधित याचिका पर भी विचार करेगी। इन सभी मामलों को देखते हुए 17 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में कई अहम और दूरगामी प्रभाव वाले मुद्दों पर सुनवाई होने जा रही है।





