दर्शनों का ढाई घंटा बढ़ाया समय
बोले वीआईपी के लिए भगवान के आराम का समय क्यों काट दिया जाता
मथुरा। वृंदावन स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं के दर्शन समय बढ़ाने के फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दर्शन का समय ढाई घंटे बढ़ाने का निर्णय लिया है।
इस फैसले के विरोध में मंदिर की प्रबंध समिति और सेवायत सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। सुनवाई के दौरान सेवायतों ने दलील दी कि भगवान का एक निश्चित विश्राम काल होता है, जिसे बदला नहीं जा सकता।
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा—
> “आराम के समय भगवान को वास्तव में आराम कब करने दिया जाता है? प्रभावशाली लोगों को उसी समय दर्शन की अनुमति दी जाती है।”
अदालत की इस टिप्पणी के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है। कोर्ट ने संकेत दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्थाओं में समानता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मामले की अगली सुनवाई जनवरी के पहले सप्ताह में होगी।





