बजट में बड़ा प्रावधान, राजधानी दिल्ली में बनेगा यूपी छात्रावास; 5 करोड़ रुपये की व्यवस्था
लखनऊ।छात्रों के हित में बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने बजट में दिल्ली में पढ़ाई करने वाले प्रदेश के छात्रों के लिए विशेष आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान किया है।
दिल्ली में बनेगा यूपी छात्रावास
प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में उत्तर प्रदेश के छात्रों के लिए छात्रावास (हॉस्टल) बनाए जाएंगे। बड़ी संख्या में यूपी के छात्र उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और व्यावसायिक कोर्सों के लिए दिल्ली का रुख करते हैं। ऐसे में रहने की बढ़ती लागत छात्रों और उनके परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ डालती है।
सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को राहत मिलेगी।
5 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान
इस योजना के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रारंभिक प्रावधान किया गया है। यह राशि भूमि, किराया, भवन अधिग्रहण या निर्माण की प्रारंभिक प्रक्रिया में खर्च की जा सकती है।
सूत्रों के अनुसार, यह योजना चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी और भविष्य में बजट में अतिरिक्त राशि भी जोड़ी जा सकती है।
उच्च शिक्षा विभाग बनाएगा नियम
योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग को सौंपी गई है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि छात्रावास की सुविधा पूरी तरह निशुल्क होगी या नाममात्र (टोकन मनी) शुल्क लिया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी और उनसे न्यूनतम या शून्य शुल्क लिया जा सकता है।
दिल्ली में निजी पीजी और हॉस्टल का किराया 8 हजार से 20 हजार रुपये प्रतिमाह तक पहुंच जाता है। ऐसे में यूपी सरकार की यह पहल हजारों छात्रों के लिए राहत भरी साबित हो सकती है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है तो यह न केवल आर्थिक बोझ कम करेगी, बल्कि प्रतिभाशाली छात्रों को बेहतर अवसर भी प्रदान करेगी।
दिल्ली में यूपी छात्रावास की घोषणा प्रदेश सरकार की शिक्षा-समर्थक पहल के रूप में देखी जा रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि नियमावली कब जारी होती है और योजना धरातल पर कब उतरती है।






