– भाजपा के प्रदेश मंत्री और हाईकोर्ट अधिवक्ता शंकर लाल लोधी ने ‘यूथ इंडिया’ से विशेष बातचीत में कहा ‘कानून व्यवस्था और सुशासन पर कोई समझौता नहीं होगा।’
फर्रुखाबाद। बार काउंसिल उत्तर प्रदेश की विशेष समिति के सदस्य रहे और अपने निष्पक्ष निर्णय से फतेहगढ़ कचहरी को नान प्रेक्टिसनर वकीलों और अपराधियों से मुक्त कराकर उन्हें डीवार करने वाले न्यायशील उच्च न्यायालय के वरिष्ठ वकील और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता शंकर लाल लोधी से प्रमुख रूप से बातचीत के अंश –
प्रश्न (शरद कटियार):
लोधी जी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार लगातार जीरो टॉलरेंस नीति पर जोर देती रही है। आप बताइए, यह नीति कितनी प्रभावी रही है और इसका आम जनता पर क्या असर दिखा है?
उत्तर (शंकर लाल लोधी):
देखिए, जीरो टॉलरेंस सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि यह योगी सरकार की कार्यशैली की आत्मा है। जब अपराध और भ्रष्टाचार पर सरकार का रुख साफ हो ना समझौता, ना दबाव तब ही कानून का राज स्थापित होता है। आज उत्तर प्रदेश में अपराधी खुद थानों में जाकर आत्मसमर्पण कर रहे हैं। यह बदलाव शब्दों से नहीं, व्यवहारिक शासन से आया है। मुख्यमंत्री जी ने स्पष्ट कहा है कि कानून व्यवस्था पर कोई सौदेबाजी नहीं होगी,और यही आज यूपी की पहचान बन चुकी है।
प्रश्न:
विपक्ष अक्सर कहता है कि एन्काउंटर पॉलिसी” या “कठोर कार्रवाई” लोकतंत्र की भावना के विपरीत है। आप क्या कहेंगे?
उत्तर:
लोकतंत्र का मतलब अराजकता नहीं होता। लोकतंत्र तभी जीवित रह सकता है जब जनता सुरक्षित हो।
हमारे यहाँ अपराधियों के प्रति कोई निजी वैर नहीं है, परंतु कानून तोड़ने वाले के लिए सख्ती जरूरी है। जब एक आम नागरिक बेखौफ होकर रात को भी सड़कों पर निकल सकता है, तब समझिए कि सरकार का ‘जीरो टॉलरेंस’ सफल हुआ है। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट की मर्यादा में रहते हुए, पुलिस प्रशासन कानून के तहत कार्रवाई करता है — इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
प्रश्न:
कानून व्यवस्था के साथ-साथ न्याय व्यवस्था में भी सुधार की बात की जाती है। आप स्वयं हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं — इस दृष्टि से क्या कदम उठाने की जरूरत है?
उत्तर:
बहुत अच्छा प्रश्न है। मेरा मानना है कि पुलिस सुधार के साथ-साथ न्यायिक सुधार भी समान रूप से जरूरी है। योगी सरकार ने पुलिस में तकनीकी सक्षमता बढ़ाई है — अब एफआईआर से लेकर चार्जशीट तक ऑनलाइन मॉनिटरिंग होती है।
अब जरूरत है कि अदालतों में लंबित मामलों को तेजी से निपटाने के लिए डिजिटल प्रक्रिया और फास्ट ट्रैक प्रणाली को और विस्तार दिया जाए। न्याय में देरी भी एक प्रकार का अन्याय है। भाजपा सरकार की सोच स्पष्ट है — “त्वरित न्याय, सटीक न्याय।”
प्रश्न:
प्रदेश में भाजपा की सरकार लगातार विकास और सुशासन की बात करती है। जीरो टॉलरेंस नीति का इससे क्या सीधा संबंध है?
उत्तर:
बहुत गहरा संबंध है। विकास और कानून व्यवस्था एक-दूसरे के पूरक हैं।
जहाँ अपराध नहीं, वहीं निवेश आता है।
जहाँ शासन ईमानदार हो, वहीं रोजगार के अवसर बढ़ते हैं।
आज यूपी में बड़ी औद्योगिक इकाइयाँ, फिल्म सिटी, एक्सप्रेस-वे, और पर्यटन परियोजनाएँ इसलिए आगे बढ़ीं क्योंकि प्रशासन में पारदर्शिता है। मुख्यमंत्री योगी जी ने हर स्तर पर साफ संदेश दिया है “भ्रष्टाचार मुक्त शासन, अपराध मुक्त समाज।” यही ‘डबल इंजन सरकार’ का असली अर्थ है।
प्रश्न:
युवाओं और बेरोजगारी के मुद्दे पर विपक्ष सरकार को घेरता है। आप क्या मानते हैं कि सरकार इस दिशा में संतुलन बना पाई है?
उत्तर:
बिलकुल। विपक्ष सिर्फ नकारात्मक राजनीति करता है। जबकि सच्चाई यह है कि पिछले सात वर्षों में 6 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली और लाखों को स्टार्टअप योजना के तहत रोजगार मिला।
अब कोई भर्ती “पेपर लीक” या “घोटाले” के नाम पर रद्द नहीं होती, क्योंकि योगी सरकार ने चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया है। युवा अब जानते हैं कि मेहनत का फल उन्हें मिलेगा — यही ‘नया उत्तर प्रदेश’ है।
प्रश्न:
अंत में, “यूथ इंडिया” के पाठकों के लिए आपका संदेश?
उत्तर:
मेरा संदेश सरल है — सकारात्मक सोचिए, रचनात्मक काम कीजिए।
देश और प्रदेश तब आगे बढ़ेंगे जब युवा “आलोचना” के साथ “आत्ममंथन” भी करेंगे।
भाजपा और योगी सरकार जनता की सेवा में समर्पित हैं।
हमारी सरकार का मंत्र है जनता की सुरक्षा, सुशासन की गारंटी और अपराध पर जीरो टॉलरेंस।”
शंकर लाल लोधी ने स्पष्ट किया कि जीरो टॉलरेंस नीति सिर्फ प्रशासनिक आदेश नहीं बल्कि एक सामाजिक अनुशासन है।
उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की मजबूती और शासन की पारदर्शिता ने सरकार को जन-विश्वास का प्रतीक बना दिया है।
उनकी बातचीत से यह स्पष्ट झलकता है कि भाजपा नेतृत्व अब विकास के साथ अनुशासन” को शासन का नया सूत्र मान चुका है।


