– एफसीआई के नाम पर अनुमति, खुलेआम बिक रही सरकारी मिट्टी
उन्नाव। जनपद में अवैध खनन का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ सरकारी वर्क ऑर्डर की आड़ में खुलेआम मिट्टी का अवैध खनन और बिक्री की जा रही है। आरोप है कि भारतीय खाद्य निगम (FCI) के नाम पर वर्क ऑर्डर लेकर खनन माफिया सरकारी मिट्टी को बाहर बाजार में बेच रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, जिस वर्क ऑर्डर के आधार पर खनन की अनुमति दिखाई जा रही है, उसमें खनन का प्रयोजन कॉलम जानबूझकर खाली छोड़ा गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि अनुमति लेते समय ही नियमों को दरकिनार करने की मंशा थी, ताकि बाद में उसी दस्तावेज़ की आड़ में मनमानी खनन किया जा सके।
हैरानी की बात यह है कि खनन के लिए डेढ़ वर्ष पुराने वर्क ऑर्डर को आधार बनाया जा रहा है। नियमानुसार, किसी भी सरकारी परियोजना के लिए खनन की अनुमति समय-सीमा और कार्य-विशेष से जुड़ी होती है, लेकिन यहाँ पुराने कागज़ों के सहारे नए सिरे से मिट्टी निकाली जा रही है।
इस पूरे प्रकरण में सूर्या इंटरप्राइजेज को खनन की अनुमति दिए जाने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि कंपनी द्वारा निकाली गई मिट्टी का उपयोग घोषित सरकारी कार्य में न होकर बाहरी बिक्री में किया जा रहा है, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है।
अवैध खनन का यह मामला सोहरामऊ थाना क्षेत्र के ग्राम बरहा का बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन-रात मिट्टी से भरे ट्रैक्टर और डंपर निकलते देखे जा सकते हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर अब तक केवल चुप्पी है।
प्रशासनिक भूमिका पर भी सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब वर्क ऑर्डर पुराना है, प्रयोजन स्पष्ट नहीं है और मिट्टी का उपयोग संदिग्ध है, तो खनन की निगरानी करने वाले विभाग क्या कर रहे हैं?
क्या यह सब बिना किसी मिलीभगत के संभव है, या फिर अवैध खनन को मौन सहमति मिली हुई है?यह मामला न केवल अवैध खनन का है, बल्कि सरकारी दस्तावेज़ों के दुरुपयोग और राजस्व क्षति का भी है।




