नई दिल्ली। बांग्लादेश के युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद देश में हिंसा और अशांति की लहर फैल गई है। ढाका समेत कई हिस्सों में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और हिंसक प्रदर्शनों के दौरान बांग्लादेश के दो प्रमुख समाचार पत्रों, प्रोथोम आलो और डेली स्टार, के कार्यालयों को आग के हवाले कर दिया। आगजनी के समय दोनों अखबारों के कर्मचारी भवन के अंदर मौजूद थे। एएफपी के हवाले से दमकल अधिकारियों ने बताया कि डेली स्टार बिल्डिंग में लगी आग पर गुरुवार को सुबह 1:40 बजे (1940 GMT) काबू पा लिया गया।
प्रदर्शनकारियों ने इन अखबारों पर भारत के साथ सांठ-गांठ करने का आरोप लगाया। हिंसा फैलने के बाद कई इलाकों में तनाव बढ़ गया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया। बांग्लादेश की निर्वासित प्रधानमंत्री शेख हसीना फिलहाल भारत में रह रही हैं। यूनुस सरकार ने शरीफ उस्मान हादी के सम्मान में शनिवार को राजकीय शोक दिवस घोषित किया है।
इस हिंसा में प्रदर्शनकारियों ने अवामी लीग पार्टी के कार्यालय पर बुलडोजर चलाकर तोड़फोड़ की। ढाका में प्रमुख बंगाली सांस्कृतिक संगठन छायानाट के परिसर में भी आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। इसके अलावा, उत्तर-पश्चिमी जिले राजशाही में भीड़ ने अवामी लीग पार्टी के कार्यालय को ध्वस्त कर दिया।
चटगांव में प्रदर्शनकारियों ने भारतीय सहायक उच्चायोग पर हमला किया और पत्थर फेंककर धरना प्रदर्शन किया। इसके अलावा, अवामी लीग के पूर्व शिक्षा मंत्री के घर में भी आग लगा दी गई। प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने आग बुझाने वाली टीमों के मार्ग को घेरकर आग बुझाने में बाधा डाली, जिससे नुकसान और बढ़ा।
विशेषज्ञों का कहना है कि फरवरी 2026 में होने वाले राष्ट्रीय चुनावों से ठीक पहले फैली यह अशांति देश की राजनीतिक स्थिति को और जटिल बना सकती है। हिंसा और आगजनी ने बांग्लादेश में लोकतांत्रिक संस्थानों और नागरिक सुरक्षा पर गंभीर संकट पैदा कर दिया है।





