फर्रुखाबाद। कमालगंज ब्लॉक क्षेत्र के देवरान गढ़िया के मजरा निशान नगला में प्रस्तावित देसी शराब के ठेके को लेकर ग्रामीण महिलाओं और स्कूली छात्राओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। ठेका खोले जाने की सूचना मिलते ही महिलाएं एकजुट होकर विरोध में उतर आईं और कमालगंज थाने पहुंचकर प्रभारी निरीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए ठेका निरस्त कराने की मांग की।
महिलाओं का कहना है कि प्रस्तावित स्थान गांव के बेहद करीब है, जहां से होकर स्कूली छात्राएं और छोटे-छोटे बच्चे प्रतिदिन स्कूल आते-जाते हैं। इसके अलावा गांव की महिलाएं और बेटियां उसी दिशा में खुले में शौच के लिए भी जाती हैं। ऐसे में वहां शराब का ठेका खुलने से असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग सकता है, जिससे बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो जाएगा और गांव का सामाजिक वातावरण भी दूषित हो सकता है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि किसी भी कीमत पर गांव के पास शराब का ठेका नहीं खुलने दिया जाएगा। सुनीता देवी ने बताया कि ठेका खुलने से गांव का माहौल खराब होगा और इससे बेटियों की सुरक्षा प्रभावित होगी। वहीं रीना देवी ने कहा कि बच्चे रोज इसी रास्ते से स्कूल जाते हैं, ऐसे में यह निर्णय पूरी तरह गलत और खतरनाक है।
पूजा ने कहा कि गांव की सभी महिलाएं इस फैसले के खिलाफ हैं और प्रशासन को इसे तुरंत निरस्त करना चाहिए। गीता देवी ने भी कहा कि गांव के समीप शराब की दुकान खुलना समाज के लिए घातक साबित हो सकता है। किरन ने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से समझा जाए और ठेके को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।
वहीं इस मामले में थाना प्रभारी ललित कुमार ने बताया कि उन्हें ग्रामीणों की ओर से प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है। मामले की जांच की जा रही है और उच्च अधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर, संबंधित भूमि के मालिक सर्वेश कुमार का कहना है कि यह उनकी निजी जमीन है और उन्हें अपनी जमीन पर देसी शराब का ठेका खुलवाने का पूरा अधिकार है। इस मामले को लेकर गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
गांव के पास देसी शराब ठेका प्रस्ताव का विरोध, महिलाओं और छात्राओं ने थाने पहुंचकर जताई आपत्ति


