नई दिल्ली। संसद परिसर में एलपीजी की कथित किल्लत को लेकर विपक्षी दलों ने जोरदार प्रदर्शन किया, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया। विभिन्न दलों के सांसदों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और आम जनता को हो रही परेशानियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
इस प्रदर्शन में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे अग्रिम पंक्ति में नजर आए। उनके साथ समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव सहित कई विपक्षी नेता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर एलपीजी आपूर्ति को लेकर सरकार से जवाब मांगा।
विपक्ष का आरोप है कि देश के कई हिस्सों में एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि रसोई गैस जैसी आवश्यक सुविधा में किसी भी प्रकार की कमी सीधे तौर पर आम जनता के जीवन को प्रभावित करती है, इसलिए इस मुद्दे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार जमीनी हकीकत को छिपाने का प्रयास कर रही है, जबकि कई क्षेत्रों से सिलेंडर की देरी और उपलब्धता की समस्याएं सामने आ रही हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार तत्काल स्थिति स्पष्ट करे और यदि कहीं आपूर्ति में बाधा है तो उसे तुरंत दूर किया जाए।
वहीं, सरकार और तेल कंपनियों का पक्ष इससे अलग है। उनका कहना है कि देश में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और सप्लाई चेन सामान्य रूप से संचालित हो रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से घबराहट न फैलाएं।
प्रदर्शन के दौरान संसद परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क रहीं, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
संसद परिसर में विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन, एलपीजी किल्लत के मुद्दे पर सरकार को घेरा


