फर्रुखाबाद। थाना जहानगंज क्षेत्र के ग्राम बहोरिकपुर कनौजिया कोल्ड के आगे पहली पुलिया के पास में स्थित प्राचीन शंकर जी के मंदिर में मंगलवार देर रात अराजक तत्वों ने भारी तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया। इस घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों के अनुसार देर रात कुछ अज्ञात लोग मंदिर परिसर में घुस आए और वहां स्थापित शिवलिंग को गायब कर दिया। इतना ही नहीं, नंदी की प्रतिमा का चेहरा ईंट से मारकर तोड़ दिया गया, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाओं को गहरी ठेस पहुँची। अराजक तत्वों ने मंदिर की छत पर लगी धार्मिक पताका को भी उतारकर फेंक दिया और दीवारों पर लगी भगवानों की तस्वीरों को उखाड़कर पास ही गड्ढे में फेंक दिया।बुधवार सुबह जब ग्रामीण मंदिर पहुंचे तो वहां का दृश्य देखकर आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने एकजुट होकर इस घटना का कड़ा विरोध जताया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। ग्राम प्रधान ने तत्काल इस घटना की जानकारी थाना अध्यक्ष लव कुमार को दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष स्वयं मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम का निरीक्षण किया। ग्रामीणों की आस्था और गुस्से को देखते हुए थानाध्यक्ष लव कुमार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए निजी खर्च से नया शिवलिंग और नंदी खरीदकर मंदिर में स्थापित कराया।इस मंदिर की देखरेख स्थानीय ग्रामीण राम विनेश बाथम, सर्वेश और कल्लू नियमित रूप से करते हैं। इतिहास की बात करें तो इस मंदिर से जुड़ी गाथा भी विशेष है। वर्ष 2003 में भीषण बाढ़ आने के कारण यहां की पुलिया टूट गई थी। उसी समय अनुपम दुबे ने अपने निजी खर्चे से इस मंदिर की स्थापना कराई थी। इस मंदिर को लेकर ग्रामीणों में गहरी आस्था रही है और समय-समय पर यहां धार्मिक आयोजन भी किए जाते हैं।यह भी उल्लेखनीय है कि लगभग छह वर्ष पूर्व भी इसी मंदिर में तोड़फोड़ की घटना हुई थी। उस समय भी ग्रामीणों ने इस कृत्य की निंदा करते हुए प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। अब एक बार फिर हुई इस घटना से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि लगातार मंदिर को निशाना बनाना सोची-समझी साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है।