नई दिल्ली | देश में गैस सिलेंडर की कथित कमी और बढ़ती कीमतों का मुद्दा संसद तक पहुंच गया है। राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने सरकार को घेरते हुए कहा कि देश के कई हिस्सों में लोग गैस सिलेंडर के लिए परेशान हैं, लेकिन केंद्र सरकार इस पर स्पष्ट जवाब नहीं दे रही है।
संसद में बोलते हुए संजय सिंह ने कहा कि गांव से लेकर शहर तक लोग रसोई गैस की समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब देश के कई इलाकों में गैस सिलेंडर के लिए लोग लाइन में लगे हैं, तब प्रधानमंत्री सामने आकर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं कर रहे हैं।
संसद में चर्चा की मांग
संजय सिंह ने राज्यसभा में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि एलपीजी की आपूर्ति, कीमतों और कालाबाजारी जैसे मामलों पर सरकार को संसद में जवाब देना चाहिए।
आंकड़ों के साथ उठाया मुद्दा
संजय सिंह ने कहा कि देश में आज करोड़ों परिवार रसोई गैस पर निर्भर हैं।
भारत में करीब 21 करोड़ से अधिक एलपीजी उपभोक्ता हैं।
देश में हर साल लगभग 31 मिलियन मीट्रिक टन एलपीजी की खपत होती है।
भारत अपनी जरूरत का लगभग दो-तिहाई से ज्यादा एलपीजी विदेशों से आयात करता है।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात और सप्लाई में बाधा का असर सीधे आम लोगों पर पड़ता है। ऐसे में सरकार को गैस की उपलब्धता और कीमतों को लेकर स्पष्ट नीति बतानी चाहिए।
वहीं केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है कि देश में घरेलू गैस की आपूर्ति सामान्य है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। सरकार का दावा है कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद देश में एलपीजी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
गैस संकट को लेकर संसद में हुई इस तीखी बहस के बाद राजनीतिक माहौल एक बार फिर गर्म हो गया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और जोर पकड़ सकता है।
संसद में गूंजा गैस संकट का मुद्दा, संजय सिंह ने सरकार को घेरा


