लखनऊ
प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर नया विवाद खड़ा हो गया है, जब संभल के पुलिस अधीक्षक केके बिश्नोई और बरेली की आईपीएस अंशिका वर्मा की शादी में शामिल होना समाजवादी पार्टी के तीन विधायकों को भारी पड़ गया। इस मामले को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कड़ी नाराजगी जताई है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
दरअसल, जोधपुर में आयोजित इस शाही विवाह समारोह में संभल से विधायक इकबाल महमूद, असमोली से पिंकी यादव और गुन्नौर से रामखिलाड़ी सिंह यादव शामिल हुए थे। गुरुवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने साफ तौर पर कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए पार्टी विधायकों को इस तरह के कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखनी चाहिए थी।
बताया जा रहा है कि संभल में हाल ही में हुए विवाद और पुलिस प्रशासन के साथ सपा नेताओं के टकराव के बाद पार्टी नेतृत्व पहले से ही संवेदनशील स्थिति में है। ऐसे में पार्टी के जनप्रतिनिधियों का प्रशासनिक अधिकारियों के निजी समारोह में शामिल होना संगठन के भीतर अनुशासन और राजनीतिक संदेश दोनों दृष्टि से उचित नहीं माना गया।
इस घटनाक्रम के बाद समाजवादी पार्टी ने अपने नेताओं और विधायकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे प्रशासनिक अधिकारियों से अनावश्यक नजदीकियों से बचें और राजनीतिक मर्यादा का पालन करें। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह सिर्फ व्यक्तिगत कार्यक्रम में शामिल होने का मामला नहीं, बल्कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में गलत संदेश देने से जुड़ा मुद्दा है।
वहीं, इस पूरे मामले पर भारतीय जनता पार्टी ने भी प्रतिक्रिया दी है और सपा के अंदरूनी मतभेदों पर निशाना साधा है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि सपा के भीतर अनुशासन की कमी साफ नजर आ रही है, जबकि सपा इसे संगठनात्मक मर्यादा का मामला बताकर नियंत्रण में लाने की कोशिश कर रही है।
फिलहाल यह मुद्दा सियासी बहस का केंद्र बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर और बयानबाजी तेज होने की संभावना है।


