लखनऊ: समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) पर तीखा हमला करते हुए AIMIM उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली (Shaukat Ali) ने कहा कि एसपी ने अब तक मुस्लिम समुदाय का इस्तेमाल सिर्फ “डिस्पोजेबल चश्मों” की तरह किया है। उन्होंने कहा कि अब मुसलमान अपनी राजनीतिक लड़ाई खुद लड़ेंगे और राज्य की लगभग 200 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारियां चल रही हैं।
शनिवार को मीडिया से बात करते हुए शौकत अली ने आगामी विधानसभा चुनावों में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के साथ गठबंधन की संभावना जताई। उन्होंने कहा कि दलितों और मुसलमानों के बीच एक स्वाभाविक गठबंधन है और इस सामाजिक आधार पर बनी इस नई राजनीतिक शक्ति को मजबूत करने के प्रयास तेज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की 134 विधानसभा सीटें मुस्लिम बहुल हैं, जहां मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 20 से 40 प्रतिशत के बीच है। इन सीटों को ध्यान में रखते हुए रणनीति तैयार की जा रही है।
शौकत अली के अनुसार, लोनी, मुरादनगर, धौलाना, मेरठ सिटी, मेरठ साउथ, धौराहारा, किथोरे, अमरोहा, धनाउरा, संभल, असमोली, काठ और कुदरकी जैसे महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव लड़ने की ठोस तैयारियां चल रही हैं। इसके अलावा, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बस्ती, बहराइच, मटेरा-नानपारा और कैसरगंज जैसे निर्वाचन क्षेत्रों में भी संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी गई हैं।
हालांकि, सूत्रों के अनुसार, राज्य की राजनीति में एक तीसरा मोर्चा बनाने के प्रयास जारी हैं। इस पहल के तहत, नेताओं और छोटी पार्टियों को एक मंच पर लाने की कोशिश की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, यदि ये प्रयास सफल होते हैं, तो उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया विकल्प उभरेगा, जो दलितों, मुसलमानों और समाज के अन्य हाशिए पर पड़े वर्गों की आवाज़ को मजबूती से उठाएगा।


