लखनऊ| समाज कल्याण विभाग ने छात्रवृत्ति योजना में एक महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी बदलाव किया है। अब किसी भी छात्र को छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए अपने पिता या कानूनी अभिभावक का आय प्रमाण पत्र ही जमा करना होगा। पहले छात्रों को अपनी व्यक्तिगत आय प्रमाण पत्र जमा करने की अनुमति थी, जिससे कई बार गड़बड़ी, दुरुपयोग और गलत सूचना देने की संभावनाएं उत्पन्न हो रही थीं। विभाग ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए नियमों में सुधार किया है ताकि छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बन सके।
मथुरा जिले में विभागीय अधिकारियों को यह जानकारी मिली कि कुछ छात्रों ने अपने स्वयं के आय प्रमाण पत्र का उपयोग किया है, जो योजना के उद्देश्य और नियमों के अनुरूप नहीं था। इसके बाद विभाग ने स्पष्ट कर दिया कि अब केवल और केवल अभिभावक के आय प्रमाण पत्र ही स्वीकार किए जाएंगे। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य छात्रवृत्ति वितरण में किसी भी तरह की गड़बड़ी या गलत सूचना की संभावनाओं को पूरी तरह समाप्त करना है।
हालांकि, इस नए बदलाव के लागू होने के बाद छात्रों को प्रमाण पत्र बदलने और सुधारने में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए समाज कल्याण विभाग ने अपने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे आवेदन जमा होने के बाद भी छात्रों के प्रमाण पत्र में आवश्यक सुधार और संपादन (एडिट) करने की सुविधा प्रदान करें। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी छात्र को इस प्रक्रिया के दौरान अनावश्यक परेशानियों या विलंब का सामना न करना पड़े।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम छात्रवृत्ति योजना को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और न्यायसंगत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। साथ ही, यह सुनिश्चित करता है कि योजना का लाभ वास्तव में योग्य छात्रों तक पहुंचे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इस प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग देना अनिवार्य होगा, ताकि नियमों का सही और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।




