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Sunday, March 8, 2026

शंकराचार्य प्रकरण और विदेश नीति पर सलमान खुर्शीद की बेबाक राय

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पितौरा गांव पहुंचे पूर्व विदेश मंत्री, ग्रामीणों से की मुलाकात और सुनी समस्याएं
फर्रुखाबाद। कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के अपने पैतृक गांव पितौरा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और देश-प्रदेश की राजनीति सहित विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी।
ग्रामीणों से बातचीत के दौरान जब उनसे शंकराचार्य पर लगे आरोपों के संबंध में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि इतने बड़े धार्मिक और आध्यात्मिक व्यक्तित्व से जुड़े व्यक्ति पर लगाए गए आरोपों को सहजता से मान लेना कठिन है। उन्होंने कहा कि इस मामले की सच्चाई क्या है, यह न्यायालय ही तय करेगा और किसी भी आरोप की वास्तविकता अदालत में ही सिद्ध होती है।

यूजीसी से जुड़े एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर कई लोग अपनी चिंता जता चुके हैं और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। ऐसे में बार-बार विरोध-प्रदर्शन की आवश्यकता कम रह जाती है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार का कोई निर्णय अनुचित पाया जाता है तो सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट ही उस पर अंतिम फैसला सुनाते हैं।
प्रयागराज में बटुकों की पिटाई की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। चाहे वह समाज का सम्मानित व्यक्ति हो या कोई गरीब, कानून सबके लिए समान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में ‘रूल ऑफ लॉ’ यानी कानून के शासन का सम्मान होना जरूरी है और पुलिस, प्रशासन या राजनेताओं को भी कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिए।
विदेश नीति पर भी उठाए सवाल
पूर्व विदेश मंत्री ने देश की विदेश नीति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि आज यह सवाल उठ रहा है कि हमारी विदेश नीति में नैतिकता का स्थान कितना है। उन्होंने कहा कि विदेश नीति केवल किसी देश से सौदा करने या उससे इंकार करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। भारत को हमेशा विश्व में शांति का संदेश देने वाले देश के रूप में देखा गया है और उसे उसी भूमिका में आगे बढ़ना चाहिए।
इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यह केवल एक देश का मामला नहीं है, बल्कि इसके प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ सकते हैं। ऐसे समय में भारत को आगे आकर विश्व को शांति का संदेश देने और सही दिशा दिखाने की भूमिका निभानी चाहिए।
रूस से तेल खरीदने पर भी बोले
रूस से तेल खरीदने के सवाल पर उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा स्वतंत्र निर्णय लेने की नीति पर आधारित रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हम अपने फैसले खुद ले रहे हैं या किसी अन्य देश के संकेतों के आधार पर निर्णय लिए जा रहे हैं।
2027 चुनाव पर दिया जवाब
आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि गठबंधन होगा या नहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का हर कार्यकर्ता पार्टी का सिपाही है और सभी को पार्टी के निर्णय के अनुसार ही आगे बढ़ना है।
जिले में कांग्रेस संगठन के कमजोर होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि संगठन कमजोर नहीं है। राजनीति में समय-समय पर उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन कार्यकर्ता लगातार मेहनत कर रहे हैं और आने वाले समय में संगठन को और मजबूत किया जाएगा।

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