गोरखपुर। प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद के बेटे और जंगल सालिकराम निवासी डॉ. अमित कुमार निषाद एक बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो गए हैं। जालसाजों ने बेहद चालाकी से उनके मोबाइल नंबर का दुरुपयोग करते हुए दिल्ली स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा, मंडावली शाखा में उनके नाम से मिलता-जुलता फर्जी बैंक खाता खुलवा लिया और उस पर यूपीआई सेवा भी सक्रिय करा दी। इसके बाद से उनके मोबाइल नंबर से जुड़ी यूपीआई आईडी पर भेजी जाने वाली सारी रकम सीधे जालसाजों के खाते में ट्रांसफर होने लगी, जिसका उन्हें लंबे समय तक पता ही नहीं चल पाया।
डॉ. अमित के मोबाइल नंबर से कई महत्वपूर्ण संपर्क, संगठन और सरकारी-गैर सरकारी अनुदान जुड़े हुए हैं। पिछले कुछ महीनों से उनके खाते में कोई भुगतान न आने पर उन्होंने इसे सामान्य तकनीकी समस्या समझकर ध्यान नहीं दिया। लेकिन बीते सप्ताह एक परिचित द्वारा भेजे गए 50 हजार रुपये के लेनदेन का संदेश फोन में न आने पर उन्हें शक हुआ। उन्होंने जब बैंक खाते की विस्तृत डिटेल निकलवाई तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। पता चला कि समरीन अली नामक व्यक्ति ने उनके मोबाइल नंबर का दुरुपयोग करते हुए फर्जी खाता और यूपीआई आईडी बना रखी थी, जिसमें महीनों से भेजी जा रही रकम जमा हो रही थी। इस दौरान कितनी धनराशि की जालसाजी हुई है, इसका अभी सटीक आंकलन नहीं हो पाया है।
घटना सामने आते ही डॉ. अमित ने इसकी शिकायत शाहपुर थाना पुलिस से की। थाना प्रभारी नीरज राय ने बताया कि डॉक्टर की तहरीर के आधार पर समरीन अली के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच निरीक्षक अवधेश तिवारी को सौंपी गई है और साइबर सेल से तकनीकी मदद लेकर फर्जीवाड़े की पूरी श्रृंखला खंगाली जा रही है।
सीओ गोरखनाथ रवि सिंह ने कहा कि साइबर अपराधियों की पहचान की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। डिजिटल साक्ष्य इकट्ठा किए जा रहे हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने मोबाइल नंबर, यूपीआई और बैंकिंग विवरण को सुरक्षित रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।



