फर्रुखाबाद। शहर की बिजली व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रस्तावित तीन उपकेंद्रों की क्षमतावृद्धि अब तक अधर में लटकी हुई है। ठंडी सड़क, जसमई और लकूला उपकेंद्रों पर पांच-पांच एमवीए के ट्रांसफार्मर लगाए जाने थे, जिससे ओवरलोडिंग की समस्या से निजात मिल सके। मगर अब तक न तो कार्य पूरा हो सका है और न ही ट्रांसफार्मर चालू हो पाए हैं। इसका खामियाजा शहर के करीब 50 मोहल्लों की लगभग 50 हजार की आबादी को उठाना पड़ रहा है, जो आए दिन ट्रिपिंग और झूलते तारों की समस्या से जूझ रही है।
अप्रैल में बिजली विभाग द्वारा इन तीन उपकेंद्रों की क्षमतावृद्धि का निर्णय लिया गया था। प्रत्येक उपकेंद्र पर लगभग एक-एक करोड़ रुपये खर्च कर पांच एमवीए के ट्रांसफार्मर लगाए जाने थे। इससे जसमई उपकेंद्र की क्षमता 10 से बढ़ाकर 15 एमवीए और ठंडी सड़क व लकूला उपकेंद्रों की क्षमता 20 से 25 एमवीए की जानी थी। कार्य को बिजनेस प्लान 2024-25 के तहत सेकेंड्री वर्क्स कानपुर को कराना था, लेकिन कई महीने बीत जाने के बावजूद काम अधूरा है।
ठंडी सड़क उपकेंद्र पर दो माह पहले ट्रांसफार्मर तो रखवा दिया गया, लेकिन उसमें अब तक तेल नहीं डाला गया, जिससे वह चालू नहीं हो पाया। लकूला उपकेंद्र पर ट्रांसफार्मर रखने के लिए प्लिंथ तैयार है, लेकिन ट्रांसफार्मर ही उपलब्ध नहीं कराया गया है। जसमई उपकेंद्र की भी यही स्थिति बनी हुई है। इससे संबंधित क्षेत्रों में ट्रिपिंग की समस्या लगातार बनी हुई है और झूलते तार लोगों के लिए खतरा बन चुके हैं।
हालांकि, एक्सईएन शहरी बृजभान सिंह ने बताया कि ठंडी सड़क उपकेंद्र के ट्रांसफार्मर में तेल डलवाने की मांग की जा चुकी है। वहीं लकूला उपकेंद्र पर भोलेपुर के न्यू आदर्श उपकेंद्र से पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर भिजवाने की प्रक्रिया सोमवार शाम तक पूरी कर ली जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि बिजनेस प्लान के तहत नेकपुर पुल से रोडवेज बस स्टैंड तक डबल सर्किट लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है, जिसके कारण मिल्क डेयरी फीडर से बिजली आपूर्ति में कटौती हो रही है। कार्य पूरा होते ही इस फीडर से भी सामान्य आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
बिजली व्यवस्था में सुधार की योजनाएं भले ही बनाई जा रही हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि शहर की बड़ी आबादी अब भी अस्थायी व्यवस्था और अधूरी परियोजनाओं के बीच बिजली संकट झेलने को मजबूर है।






