कहा, “यह प्रशासन का निंदनीय कृत्य है”
संवाददाता लखनऊ : राजधानी के जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के चैम्बर तोड़े जाने के मामले ने अब राजनीतिक रंग लेना शुरू कर दिया है। घटना के बाद अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश है, वहीं अब भाजपा सांसद डॉ. संघमित्रा मौर्य ने भी प्रशासन की इस कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताया है।
बीजेपी सांसद ने कहा कि अधिवक्ताओं के चैम्बर को “अवैध” बताकर अचानक तोड़ देना निंदनीय कृत्य है। यह न सिर्फ अधिवक्ता समाज का अपमान है, बल्कि यह कार्रवाई न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच संबंधों पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है
मीडिया से बात करते हुए डॉ. मौर्य ने कहा “अधिवक्ताओं के चैम्बर को बिना पूर्व सूचना और संवाद के तोड़ना अनुचित और असंवेदनशील है। मैं प्रशासन के इस कदम का घोर विरोध करती हूं। न्याय के मंदिर में ऐसे हालात बनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”
उन्होंने आगे कहा कि अधिवक्ता समाज न्यायिक प्रक्रिया का अभिन्न अंग है, और अगर उनके कार्यस्थल को इस तरह से तोड़ा जाता है तो यह पूरे न्यायिक ढांचे में असंतोष और अस्थिरता पैदा कर सकता है।
इस कार्रवाई के खिलाफ लखनऊ बार एसोसिएशन और अन्य अधिवक्ता संगठनों ने विरोध प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी है। सोमवार को जिला अदालत परिसर में अधिवक्ताओं की आपात बैठक बुलाने की सूचना है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
अधिवक्ताओं का कहना है कि प्रशासन ने बिना नोटिस दिए उनके चैम्बर गिरा दिए, जिससे उनका वर्षों पुराना कार्यस्थल नष्ट हो गया। एक अधिवक्ता ने कहा “अगर कोई निर्माण अवैध था, तो पहले नोटिस देकर वैधानिक प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी। यह सरासर अन्याय है।
वहीं प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई अवैध निर्माणों को हटाने के अभियान के तहत की गई है। संबंधित विभागों का दावा है कि यह जगह न्यायालय परिसर की सुरक्षा और मास्टर प्लान के अनुरूप नहीं थी। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद तनाव बढ़ गया है।
लखनऊ बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा है कि अगर प्रशासन ने जल्द कोई समाधान नहीं निकाला, तो अधिवक्ता आंदोलन और न्यायिक कार्य से बहिष्कार का रास्ता अपना सकते हैं। बीजेपी सांसद संघमित्रा मौर्य ने प्रशासनिक कार्रवाई को बताया निंदनीय कहा यह कार्यवाही न्यायपालिका और कार्यपालिका के रिश्तों पर असर डाल सकती है। अधिवक्ता समुदाय आक्रोशित, विरोध प्रदर्शन की तैयारी जारी है
प्रशासन ने कार्रवाई को अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया बताया।
बार एसोसिएशन ने दी चेतावनी जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन होगा





