मोहम्मदाबाद, फर्रूखाबाद: विकासखंड मोहम्मदाबाद के टिमरुआ गांव (Timrua village) की बदहाली ने ग्रामीण विकास के दावों की पोल खोल दी है। गांव के लोग आज भी कच्चे मकानों में पन्नी तानकर जीवन बिताने को मजबूर हैं। यूथ इंडिया (Youth india) की टीम ने मौके पर पहुंचकर गांव की वास्तविक स्थिति का जायज़ा लिया तो हालात बेहद भयावह मिले।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव की गलियां, सड़कें और नालियां पूरी तरह टूटी हुई हैं। बदबूदार कूड़ा गलियों में बजबजा रहा है और सफाई का कोई इंतज़ाम नहीं है। गांववासियों ने आरोप लगाया कि प्रधान रामवीर राजपूत ने पिछले पांच सालों में एक भी विकास कार्य नहीं कराया।
गांव के निवासी संतोष कुमार श्रीवास्तव बेहद गरीबी में जीवनयापन कर रहे हैं। कच्चे मकान में परिवार के साथ रहने वाले संतोष को राशन कार्ड होने के बावजूद राशन नहीं मिलता। यूथ इंडिया द्वारा उनकी स्थिति का वीडियो वायरल होने के बाद जोगेंद्र यादव, गोविंद यादव और विकास यादव उर्फ डम्पी ने पहुंचकर राशन देकर सहायता की।
ग्रामीणों का आरोप है कि कोटेदार अंगूठा लगवाकर राशन नहीं देता। इससे गांववासियों को महीनों तक अनाज नहीं मिल पाता।गांव की स्थिति इतनी दयनीय है कि इसे देखकर कोई भी हैरान रह जाएगा।
टिमरुआ गांव की यह बदहाल तस्वीर प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार की गहरी झलक पेश करती है। गांववासियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि तत्काल जांच कराकर उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं।


