फर्रुखाबाद। ईरान में युद्ध की स्थिति को लेकर फैली अफवाहों का असर अब भारत में भी देखने को मिल रहा है। फर्रुखाबाद जिले में एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर लोगों के बीच दहशत का माहौल बन गया है। अफवाहों के कारण बड़ी संख्या में उपभोक्ता गैस सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग कराने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन तकनीकी दिक्कतों और अत्यधिक लोड के चलते बुकिंग नहीं हो पा रही है। इससे उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है और चारों तरफ हाहाकार जैसी स्थिति बन गई है।
बताया जा रहा है कि ईरान में चल रहे युद्ध को लेकर सोशल मीडिया पर यह अफवाह तेजी से फैल रही है कि आने वाले दिनों में गैस सिलेंडर की भारी किल्लत हो सकती है। इसी डर से उपभोक्ता एक साथ गैस बुकिंग कराने लगे, जिसके चलते ऑनलाइन सिस्टम पर दबाव बढ़ गया और कई लोगों की बुकिंग नहीं हो सकी। इससे आम लोगों में चिंता बढ़ गई है और गैस एजेंसियों पर भीड़ बढ़ने लगी है।
इस जनहित की समस्या को गंभीरता से लेते हुए अखिल भारतीय युवा जनसेवा संगठन फर्रुखाबाद के अध्यक्ष एवं अधिवक्ता अभिषेक गुप्ता और उनके सहयोगी मोहित ने भारत सरकार के माननीय प्रधानमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर समस्या के समाधान की मांग की है। प्रार्थना पत्र में अनुरोध किया गया है कि ऑनलाइन बुकिंग में आ रही दिक्कतों को देखते हुए अस्थायी रूप से ऑफलाइन बुकिंग की व्यवस्था भी शुरू कराई जाए, ताकि सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर मिल सके और किसी प्रकार की परेशानी न हो।
प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा इस प्रार्थना पत्र को संज्ञान में लेते हुए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, एलपीजी सेल सेक्टर नोएडा में मैनेजर श्रीमती नमिता गुप्ता को अग्रेषित कर दिया गया है। साथ ही प्रार्थना पत्र की एक प्रतिलिपि नगर मजिस्ट्रेट को भी दी गई है और उन्हें जिले में गैस आपूर्ति की स्थिति से अवगत कराया गया है।
नगर मजिस्ट्रेट ने आश्वासन दिया है कि फर्रुखाबाद जिले में गैस की आपूर्ति सुचारु रूप से कराई जाएगी और किसी भी उपभोक्ता को गैस की कमी नहीं होने दी जाएगी। प्रशासन द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं।
इस संबंध में अभिषेक गुप्ता ने कहा कि आम जनता की परेशानी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि किसी भी परिवार को गैस सिलेंडर के अभाव में कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि गैस आपूर्ति को नियमित बनाए रखा जाए और अफवाहों पर रोक लगाने के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जाएं।


