हरदोई
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा शहर में पथ संचलन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में अनुशासित रूप से भाग लिया। यह संचलन बाल विद्या भवन से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरता हुआ पुनः वहीं संपन्न हुआ।
पथ संचलन का मार्ग सिनेमा चौराहा, बड़ा चौराहा, अटल चौराहा और सोल्जर बोर्ड चौराहा से होकर गुजरा। पूरे आयोजन के दौरान स्वयंसेवकों की कतारबद्ध और अनुशासित उपस्थिति ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्र संघचालक कृष्णमोहन ने कहा कि यह वर्ष संघ की स्थापना का शताब्दी वर्ष है, और इस अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से हिंदू चेतना जागरण के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यह वर्ष संत रविदास की 650वीं जयंती का भी है। उनके अनुसार संत रविदास की शिक्षाएं समाज में समानता और सामाजिक समरसता का संदेश देती हैं। इस दौरान उन्होंने “एक मंदिर, एक कुआं और एक श्मशान” की अवधारणा को भी समाज में समानता और भाईचारे को बढ़ावा देने वाला बताया।
संघचालक ने संघ के पंच संकल्पों—सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक अनुशासन और स्वदेशी भावना—पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इन सिद्धांतों का उद्देश्य समाज को अधिक संगठित और जागरूक बनाना है।
पथ संचलन के दौरान शहरवासियों में भी उत्साह देखने को मिला। कई स्थानों पर लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। इस अवसर पर कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया।


