नीदरलैंड की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव के साथ 38 वर्षीय रॉब जेटेन देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री चुने गए हैं। जेटेन इसलिए भी चर्चा में हैं क्योंकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से समलैंगिक होने की बात स्वीकार की है और वे डच इतिहास के पहले खुले तौर पर समलैंगिक प्रधानमंत्री बने हैं। उनके चयन को देश में सामाजिक विविधता और समावेशिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रॉब जेटेन डेमोक्रेट्स 66 (डी66) पार्टी के नेता हैं और वर्तमान में डेमोक्रेट्स 66, क्रिश्चियन डेमोक्रेट्स तथा पीपल्स पार्टी फॉर फ्रीडम एंड डेमोक्रेसी के गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। 150 सदस्यीय डच संसद में इस गठबंधन के 66 सांसद हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि सरकार अल्पमत में है। ऐसे में जेटेन को किसी भी विधेयक को पारित कराने के लिए विपक्षी दलों से सहयोग जुटाना होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रक्षा खर्च, शरणार्थी नीति और आर्थिक सुधार जैसे मुद्दों पर जेटेन सरकार को व्यापक सहमति बनाने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। अल्पमत सरकार होने के कारण संसद में हर निर्णय के लिए रणनीतिक बातचीत और समझौते आवश्यक होंगे।
रॉब जेटेन को ‘रोबोट जेटेन’ के उपनाम से भी जाना जाता है। कहा जाता है कि वे सार्वजनिक भाषणों और सवालों के जवाब देने की विशेष तैयारी करते हैं, जिससे उनकी शैली बेहद सटीक और नियंत्रित मानी जाती है। यही कारण है कि राजनीतिक हलकों में उन्हें यह उपनाम मिला।
जेटेन ने वर्ष 2008 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा और डेमोक्रेट्स 66 पार्टी में नीति अधिकारी के रूप में काम शुरू किया। जल्द ही वे पार्टी की युवा इकाई में प्रमुख चेहरा बन गए। इसके बाद उन्होंने पार्टी के संसदीय दल के नेता के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली।
राजनीति के अलावा जेटेन ने प्रबंधन सलाहकार के तौर पर भी काम किया है। वर्ष 2017 में वे नीदरलैंड्स के निचले सदन के लिए चुने गए और वर्ष 2023 में डेमोक्रेट्स 66 पार्टी के नेता बने। वर्ष 2022 से 2024 के बीच उन्होंने जलवायु मंत्री के रूप में भी कार्य किया, जहां उन्होंने ऊर्जा परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।
उनके निजी जीवन को लेकर भी व्यापक चर्चा हो रही है। जेटेन के जीवनसाथी अर्जेंटीना के फील्ड हॉकी खिलाड़ी निकोलस कीनन हैं और दोनों कई वर्षों से साथ हैं। जेटेन का खुला और पारदर्शी रवैया यूरोप की उदार राजनीति की पहचान के रूप में देखा जा रहा है।
इस बीच, नरेंद्र मोदी ने भी रॉब जेटेन को प्रधानमंत्री पद संभालने पर बधाई दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भारत और नीदरलैंड्स के बीच विविध क्षेत्रों में मजबूत संबंध हैं और दोनों देश भविष्य में साझेदारी को और गहरा करने के लिए तैयार हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जेटेन के नेतृत्व में नीदरलैंड की राजनीति में नई पीढ़ी की सोच और सामाजिक समावेशन की झलक देखने को मिलेगी। हालांकि, अल्पमत सरकार की चुनौतियां उनके सामने बड़ी परीक्षा साबित हो सकती हैं। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि वे गठबंधन राजनीति को कितनी कुशलता से संभाल पाते हैं।


