इटावा: यातायात नियमों की अनदेखी करना एक अनुबंधित रोडवेज बस चालक को महंगा पड़ गया। यातायात पुलिस ने बेवर डिपो की एक अनुबंधित बस को बिना वैध परमिट संचालित करने, बीच सड़क पर सवारियां उतारने और चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस न होने के आरोप में सीज कर दिया। कार्रवाई के दौरान बस पर 17,500 रुपये का चालान किया गया, जबकि चालक को सख्त चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
घटना शहर के व्यस्त इलाके चौधरी पंप के पास की है, जहां बीच सड़क पर बस खड़ी कर सवारियां उतारी जा रही थीं। इससे मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग गया और राहगीरों व अन्य वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम की सूचना मिलते ही यातायात प्रभारी टीएसआई सूबेदार सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
यातायात प्रभारी ने चालक को तत्काल बस हटाकर साइड में लगाने के निर्देश दिए, लेकिन आरोप है कि चालक उलझ गया और बस हटाने से इनकार कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए दस्तावेजों की जांच की, जिसमें बस के पास वैध परमिट नहीं मिला और चालक ड्राइविंग लाइसेंस भी प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं में 17,500 रुपये का चालान काटते हुए बस को सीज कर पुलिस लाइन भिजवा दिया गया।
यातायात पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में जाम की समस्या से निपटने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सार्वजनिक वाहनों द्वारा मनमाने ढंग से बीच सड़क पर सवारी उतारने और चढ़ाने की प्रवृत्ति पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना परमिट और बिना लाइसेंस वाहन संचालन करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई से अन्य वाहन चालकों और परिवहन संचालकों में हड़कंप की स्थिति रही। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और सड़क पर अनावश्यक रूप से वाहन खड़ा कर जाम की स्थिति उत्पन्न न करें।


