इटावा
शहर में सोमवार को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया, जब उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के सैफई डिपो की एक रोडवेज बस के अचानक ब्रेक फेल हो गए। अनियंत्रित हुई बस डीएम चौराहे पर बने नवनिर्मित अटल चौक से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि अटल चौक के निर्माण में भी नुकसान पहुंचा।
गनीमत रही कि घटना के समय बस में कोई यात्री सवार नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। हादसे की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात व्यवस्था को संभाला और क्षतिग्रस्त बस को हटाने की कार्रवाई शुरू कराई।
जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के सैफई डिपो की यह बस सैफई से इटावा होते हुए आगरा, मथुरा और बदरपुर (दिल्ली) जाने के लिए ड्यूटी पर निकली थी। बस को संविदा चालक तारा चंद निवासी बल्लापुर, थाना अजीतमल, जिला औरैया चला रहे थे। जब बस इटावा शहर के डीएम चौराहे के पास पहुंची, तभी अचानक उसके ब्रेक फेल हो गए और बस अनियंत्रित हो गई।
चालक ने बताया कि उसने सामने चल रही इनोवा कार और बाइक सवारों को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन बस की रफ्तार पर नियंत्रण नहीं हो पाया और अंततः बस अटल चौक से टकरा गई। चालक की सतर्कता के कारण सड़क पर मौजूद अन्य वाहन इस हादसे की चपेट में आने से बच गए, जिससे संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई।
बस में उस समय महिला परिचालक सानिया जैन निवासी गोदाम सराय भटेला, करहल थाना जिला मैनपुरी मौजूद थीं। इसके अलावा सैफई डिपो के टीम कीपर अजीत सिंह और एआरएम कार्यालय के कर्मचारी डीके सिंह भी बस में सवार थे, जो ड्यूटी स्लिप बनाने का काम करते हैं। हालांकि बस में कोई यात्री नहीं था, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया और किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
चालक तारा चंद के अनुसार सैफई डिपो में बस के ब्रेक के प्रेशर पाइप सहित कुछ अन्य मरम्मत का काम हाल ही में कराया गया था। तकनीकी जांच के बाद ही बस को डिपो से रवाना किया गया था, लेकिन रास्ते में अचानक प्रेशर लीक होने से ब्रेक फेल हो गए और यह हादसा हो गया।
इस घटना के बाद परिवहन निगम की तकनीकी जांच व्यवस्था और वाहनों की फिटनेस को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बस में यात्री सवार होते या बस भीड़भाड़ वाले इलाके में अनियंत्रित हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही है और परिवहन निगम के अधिकारी भी घटना की जांच में जुटे हुए हैं।


