हरदोई/लखनऊ |जिले में उस वक्त हड़कंप मच गया जब सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच ने बहुजन समाज पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश चंद्र चौधरी को हिरासत में ले लिया। यह नाटकीय कार्रवाई बालामऊ में उस समय हुई जब बसपा नेता अपने कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कर रहे थे।
सीबीआई की टीम अचानक बालामऊ स्थित सुरेश चंद्र चौधरी के आवास पर पहुंची। उस समय वहां कार्यकर्ताओं की भीड़ थी। टीम उन्हें हिरासत में लेकर सीधे लखनऊ के लिए रवाना हो गई।
रिश्वत का मामला: मिली जानकारी के अनुसार, उन पर ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना’ के तहत ₹5 लाख का लोन मंजूर कराने के बदले ₹45,000 से ₹50,000 की रिश्वत लेने का आरोप है।
6 घंटे की पूछताछ: हिरासत में लेने से पहले सीबीआई ने उनसे करीब 6 घंटे तक कड़ी पूछताछ की। इस दौरान उनके आवास और कार्यालय (बैंक ऑफ बड़ौदा के बीसी पॉइंट) से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की गई।
जांच एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, यह मामला बैंक लोन में चल रही कमीशनखोरी से जुड़ा है। आरोप है कि सुरेश चंद्र चौधरी बैंक रिकवरी एजेंट के तौर पर भी सक्रिय थे और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर उद्यमियों से अवैध वसूली कर रहे थे।
बसपा नेता की इस तरह अचानक हुई गिरफ्तारी से स्थानीय राजनीति में खलबली मच गई है। पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता जानकारी जुटाने के लिए घटनास्थल पर एकत्र हुए। फिलहाल, सीबीआई उन्हें पूछताछ के लिए लखनऊ स्थित अपने मुख्यालय ले गई है, जहाँ इस रैकेट में शामिल कुछ बैंक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।
बैठक के बीच से बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष को सीबीआई ने उठाया, लोन के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप


