कल्पवासियों की सूचना पर मेला प्रभारी ने किया निरीक्षण, सुरक्षा इंतज़ाम बढ़ाए
शमशाबाद (फर्रुखाबाद): ढाई घाट शमशाबाद स्थित पवित्र गंगा नदी के जलस्तर (Ganga water level) में लगातार हो रही वृद्धि को लेकर रामनगरिया मेले (Ramnagariya fair) में रह रहे साधु-संतों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं के बीच दहशत का माहौल बन गया है। गंगा तट पर सजे इस ऐतिहासिक और धार्मिक मेले में बड़ी संख्या में साधु-संत, कल्पवासी, श्रद्धालु और व्यापारी अपने-अपने डेरे डालकर धर्म, आस्था और सेवा के इस महापर्व में शामिल हैं।
गंगा तट पर प्रतिदिन कथा-भागवत, साधु-संतों के प्रवचन एवं धार्मिक अनुष्ठान आयोजित हो रहे हैं, जिन्हें सुनने के लिए दूर-दराज़ से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। वहीं समाजसेवी संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों द्वारा गरीब, असहाय, दिव्यांग और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराने तथा गर्म कपड़े वितरित करने का सिलसिला भी लगातार जारी है, जिससे कोई गरीब, मजदूर या किसान सर्दी से बेहाल न हो।
जलस्तर बढ़ने से बढ़ी चिंता
बीते कुछ दिनों से गंगा के जलस्तर में निरंतर बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। शुक्रवार को जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि के कारण गंगा तट के निकट बसे डेरों तक पानी पहुंचने के संकेत मिलने लगे, जिससे कल्पवासियों, श्रद्धालुओं और साधु-संतों में भय और चिंता का माहौल देखने को मिला। स्थिति को गंभीर देखते हुए कुछ श्रद्धालुओं और कल्पवासियों ने तत्काल मेला प्रभारी को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही मेला प्रभारी कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे और हालात का निरीक्षण किया।
सुरक्षा के लिए की गई बेरिकेडिंग
किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचाव के लिए कर्मचारियों के सहयोग से दोबारा बेरिकेडिंग कराई गई। हर 10 फुट की दूरी पर खूंटे गाड़कर मजबूत रस्सियां बांधी गईं और उन्हें पानी की ओर डाला गया, ताकि श्रद्धालु, कल्पवासी और संत समाज सुरक्षित रह सकें और गंगा के बढ़ते जलस्तर से किसी को कोई नुकसान न हो।
अव्यवस्थाओं पर उठे सवाल
जानकारों की मानें तो हाल ही में फर्रुखाबाद एवं शाहजहांपुर के प्रशासनिक अधिकारियों के दौरे के बावजूद भी मेले में अव्यवस्थाओं का आलम देखने को मिल रहा है। गंगा तट पर साफ-सफाई की कमी के चलते गंदगी फैली हुई है। वहीं फर्रुखाबाद परिक्षेत्र में बिजली की समस्या भी विकराल बनी हुई है, जिससे रात्रि के समय साधु-संतों और कल्पवासियों में असुरक्षा का भाव देखा जा रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि समय रहते समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो बढ़ते जलस्तर के साथ-साथ अव्यवस्थाएं भी बड़ी समस्या का रूप ले सकती हैं।
श्रद्धा और आस्था के बीच सुरक्षा की मांग
रामनगरिया मेले की भव्यता और धार्मिक आस्था देखने योग्य है। इस मेले को देखने के लिए न केवल जनपद फर्रुखाबाद बल्कि अंतर्जनपदीय क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आ-जा रहे हैं। ऐसे में साधु-संतों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सुरक्षा, सफाई और बिजली व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, ताकि यह धार्मिक मेला सुरक्षित और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।


