जश्ने गरीब नवाज में सर्दी के बावजूद डटे रहे लोग
फर्रुखाबाद: शहर के मुहल्ला तकिया नुसरत शाह (Mohalla Takiya Nusrat Shah) में जश्ने गरीब नवाज कॉन्फ्रेंस आयोजित हुई जिसमें शहर के व बहरूनी मौलाना व शायरों के द्वारा अपनी अपनी तकरीरें व नातियाकलाम प्रस्तुत किये गए। जश्न ए गरीबनवाज कॉन्फ्रेंस में काफी संख्या में नौजवान, बुजुर्ग व महिलाओं ने भागीदारी की। जश्ने गरीब नवाज कॉन्फ्रेंस का आगाज तिलावते कुरान ए पाक से किया गया । संचालन कारी रूहुल अमीन ने किया।शायरी से मंच पर बैठे हुए हर शायर को कलाम पढ़ने के लिए माइक पर आवाज दी गई।रामपुर से आए हुए मुफ्ती इमरान हनफी (Mufti Imran Hanafi) रामपुरी ने अपनी जोशीली तकरीर में कहा कि इस्लाम कभी भी किसी का बुरा ना करने की इजाजत नहीं देता है।
उन्होंने कहा की मां के कदमों में जन्नत है और पिता को मोहब्बत की नजर से देखने पर एक हज का सबाब प्राप्त होता है ।इसलिए इस्लाम धर्म में कहा गया है की सलाम करने में कोई भी भेदभाव नहीं है छोटा बड़ा हर कोई सलाम करता है ।शाहजहांपुर से आए हुए मौलाना नकी अली खां शाहजहांपुरी ने भी तकरीर की। बहरूनी शायर कारी शादाब रजा कानपुरी व सैय्यद हैदर अली अलीगढ व आफताब आलम ने कलाम पढ़े। मोहब्बतों से अबकी बार ये काम नहीं लिया,वो बेरुखी की इंतहा सलाम तक नहीं लिया ,नसीम उसकी बज्म में वफ़ा की बात जब चली ,कसम खुदा की उसने मेरा नाम नहीं लिया।
मुकामी शायरों में मौलाना जैनुल आब्दीन आबिद नूरी , हाफिज कारी तनवीर रजा हाफिज जैनुल आबेदीन हाफिज मोहम्मद शहीमुद्दीन हाफिज अब्बास रजा हाफिज जैनुल आबेदीन शमशाबाद आदि स्थानीय शायरों ने अपनी पुर तरन्नुम आवाज़ से नातिया कलाम प्रस्तुत किए। इस मौके पर मौलाना कारी हाजी मुख्तार आलम कादरी हाफिज ऐनुलयकी हाजी कारी हाफिज रियाज अहमदकादरी हाफिज मुदस्सिर कारी तस्लीम रजा डाक्टर आरिफ खा अमेठी वाले आदि स्थानीय लोगों का काफी संख्या लोग उपस्थित रहे जश्ने गरीब नवाज कॉन्फ्रेंस का समापन सलातो सलाम व फातिहा खानी और मुल्क में अमन चैन भाईचारा बनाए रखने की हाथ उठाकर दुआ होकर व आए हुए जायरीन को तबर्रुक तक्सीम के साथ संपन्न किया गया । हाफिज कारी अनवर रजा ने आए हुए मौलाना व शायरों की गुलपोशी की।कार्यक्रम में दूर दराज से व विभिन्न मुहल्ले से आए हुए लोग ठंड होने के अलावा व घनाकोहरा होने के बावजूद भी लोगों ने कार्यक्रम संपन्न होने तक जमे रहे।


