मेरठ।सकौती में अंतरराष्ट्रीय जाट संसद कार्यक्रम के बाद विवाद खड़ा हो गया, जब राजा सूरजमल की मूर्ति के नीचे लिखा “जाट” शब्द हटा दिया गया। इस फैसले के बाद स्थानीय स्तर पर आक्रोश फैल गया और मौके पर धरना शुरू कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि मूर्ति के नीचे पहले “जाट” शब्द अंकित था, लेकिन पुलिस प्रशासन ने आपत्ति जताते हुए इसे हटवा दिया। इसी को लेकर विभिन्न संगठनों और नेताओं ने विरोध दर्ज कराया।
इस मामले में हनुमान बेनीवाल समेत कई नेताओं ने आपत्ति जताई और इसे समाज की पहचान से जोड़कर देखा। वहीं संगठन के नेता मनु दांतल अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए।
मनु दांतल ने जाट युवाओं से अधिक संख्या में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज की पहचान से जुड़े मुद्दों पर समझौता नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि सकौती में आज ही इस मूर्ति का उद्घाटन किया गया था, लेकिन कार्यक्रम के तुरंत बाद यह विवाद सामने आ गया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत की कोशिशें जारी हैं, लेकिन फिलहाल स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।
राजा सूरजमल की मूर्ति पर ‘जाट’ शब्द हटाने से विवाद, कार्यक्रम के बाद धरना शुरू


