लखनऊ। प्रदेश में माध्यमिक विद्यालयों के छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में दक्ष बनाने की दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में 69वीं राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री विद्यालयी खेल पुरस्कार से सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत मई और जून माह में विशेष सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे।
प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए हर मंडल में खेल स्टेडियम और 22 जिलों के विद्यालयों में मिनी स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों के छात्रों को खेलकूद में आगे बढ़ाने के लिए राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का नियमित आयोजन किया जा रहा है। चालू वर्ष में प्रदेश में सात खेलों की राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं सफलतापूर्वक संपन्न हुई हैं।
इन प्रतियोगिताओं के समापन के बाद राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को सीएम विद्यालयी खेल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करना और उन्हें भविष्य के लिए प्रेरित करना है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से एकल वर्ग में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक विजेताओं को क्रमशः 75 हजार, 50 हजार और 30 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। वहीं स्कूल टीम वर्ग में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतने वाली टीमों को क्रमशः 35 हजार, 25 हजार और 15 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। इसके लिए विभाग ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने बताया कि स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) के माध्यम से प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश के छात्र बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, ऐसे में उन्हें राज्य, मंडल और जिला स्तर पर सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जाएगा।






