गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से मांगी विस्तृत रिपोर्ट, व्यवस्थाओं में चूक पर स्पष्टीकरण तलब
नई दिल्ली। राष्ट्रपति से जुड़े प्रोटोकॉल मामले को लेकर केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले में पश्चिम बंगाल सरकार से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति के कार्यक्रम के दौरान प्रोटोकॉल से जुड़ी व्यवस्थाओं में संभावित चूक की शिकायत सामने आई थी, जिसके बाद केंद्र ने तत्काल स्पष्टीकरण मांगा है।
सूत्रों के अनुसार केंद्रीय गृह सचिव ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर पूरे मामले की जानकारी मांगी है। पत्र में यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि राष्ट्रपति के कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और प्रोटोकॉल से जुड़ी व्यवस्थाओं में कहीं कोई कमी या लापरवाही तो नहीं हुई।
गृह मंत्रालय ने मुख्य सचिव से कहा है कि इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शाम 5 बजे तक केंद्र सरकार को भेजी जाए। साथ ही यह भी बताया जाए कि कार्यक्रम के दौरान जिम्मेदारी किस विभाग और अधिकारियों के पास थी तथा यदि कोई चूक हुई है तो उसके लिए कौन जिम्मेदार है।
प्रोटोकॉल व्यवस्था को लेकर केंद्र गंभीर
राष्ट्रपति से जुड़े कार्यक्रमों में सुरक्षा और प्रोटोकॉल को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इन कार्यक्रमों के लिए केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के बीच समन्वय किया जाता है।
ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की चूक को गंभीर माना जाता है, क्योंकि राष्ट्रपति देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन होते हैं। इसलिए उनके कार्यक्रमों में सुरक्षा, प्रोटोकॉल और व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जाता है।
रिपोर्ट के बाद हो सकती है कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्रालय को रिपोर्ट मिलने के बाद पूरे मामले की समीक्षा की जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या प्रोटोकॉल का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।
फिलहाल केंद्र सरकार इस मामले को गंभीरता से देखते हुए राज्य सरकार से पूरी जानकारी जुटाने में लगी है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि प्रोटोकॉल व्यवस्था में वास्तव में क्या चूक हुई थी और आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।
राष्ट्रपति प्रोटोकॉल मामले में केंद्र सख्त


