राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया ध्यान योग कार्यक्रम का उद्घाटन, बोलीं तकनीकी के साथ बढ़ी ईर्ष्या और दुख, मेडिटेशन है सबसे कारगर उपाय

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लखनऊl राजधानी के सुल्तानपुर रोड स्थित गुलजार उपवन में शुक्रवार को आध्यात्मिक चेतना और सकारात्मक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब ब्रह्मकुमारीज संस्थान की ओर से आयोजित राज्यस्तरीय ध्यान योग कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं। सुबह से ही कार्यक्रम स्थल पर लोगों की भारी भीड़ जुटने लगी थी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, हजारों की भीड़, पारंपरिक स्वागत

गुलजार उपवन को विशेष रूप से सजाया गया था। बिना पास या जांच के किसी को भी अंदर नहीं प्रवेश दिया गया। राष्ट्रपति के पहुंचते ही बच्चियों ने मयूर नृत्य प्रस्तुत कर उनका स्वागत किया, जबकि ब्रह्मकुमारीज बहनों को कलश और भाइयों को ध्वजा देकर राष्ट्रपति ने सम्मानित किया।
छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध रंगोली कलाकार हितेश द्वारा बनाई गई राष्ट्रपति और गुलजार दादी की रंगोली भी आकर्षण का केंद्र रही।

संस्थान द्वारा राष्ट्रपति के लिए एक विशेष ध्यान कक्ष भी तैयार किया गया था, जहां वे कुछ समय मेडिटेशन करेंगी।

राष्ट्रपति मुर्मू का उद्बोधन: तकनीकी उन्नति के साथ बढ़ा अकेलापन, मेडिटेशन है समाधान

अपने संबोधन की शुरुआत राष्ट्रपति ने ‘ओम शांति’ कहकर की। उन्होंने कहा कि मनुष्य ने विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है, लेकिन इसके साथ समाज में ईर्ष्या, अविश्वास, दुख और एकाकीपन तेजी से बढ़ा है।
उन्होंने कहा “मेडिटेशन मन को साफ करता है, विचारों को स्वस्थ करता है और आत्मिक चेतना को जाग्रत करता है। आज तकनीकी जितनी आगे बढ़ी है, समाज उतना ही तनावग्रस्त हुआ है। ऐसे समय में राजयोग सबसे मजबूत समाधान है।”

उन्होंने आगे कहा कि आत्म निरीक्षण से ही प्रेम, विश्वास और भाईचारा समाज में बढ़ता है। ब्रह्मकुमारीज संस्थान द्वारा योग और आध्यात्मिकता के माध्यम से समाज में शांति और सकारात्मकता फैलाने के प्रयासों की राष्ट्रपति ने प्रशंसा की।
राष्ट्रपति ने संस्था के नारी सशक्तिकरण और शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को भी सराहा।

योगी आदित्यनाथ बोले—ध्यान योग अभियान से समाज को मिलेगी सकारात्मक ऊर्जा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ब्रह्मकुमारीज का यह अभियान उत्तर प्रदेश और देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का इस कार्यक्रम में शामिल होना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

योगी ने कहा “राजयोग का अभ्यास मनुष्य में सकारात्मक ऊर्जा भरता है, समाज को जोड़ता है और जीवन में संतुलन लाता है।”

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल—राजयोग केवल अभ्यास नहीं, एक संपूर्ण जीवन शैली

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ब्रह्मकुमारीज संस्थान की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और नारीशक्ति के नेतृत्व को सराहते हुए कहा कि वर्ष 1937 में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में स्थापित यह संस्था आज विश्व स्तर पर आध्यात्मिक जागरण का केंद्र बन चुकी है।

उन्होंने कहा “राजयोग मेडिटेशन मन में शांति, पवित्रता और आत्मबल विकसित करता है। यह हमें सिखाता है कि आत्मा अविनाशी है और परिस्थितियां हमारे कर्मों का परिणाम हैं।”

राज्यपाल ने कहा कि राजयोग हमें आत्मचिंतन, धैर्य और मानसिक दृढ़ता सिखाता है, जिससे भय और तनाव स्वतः खत्म होने लगते हैं।

पूरे परिसर में आध्यात्मिक वातावरण, लोगों में उत्साह

कार्यक्रम स्थल गुलजार उपवन में सुबह से ही श्रद्धालुओं और ध्यान योग साधकों की भारी भीड़ जुटी रही। भजन, शांत संगीत और सकारात्मक ऊर्जा से पूरा परिसर आध्यात्मिक माहौल में डूब गया।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रप​ति समेत सभी अतिथियों ने ध्यान साधना में भाग लिया।

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