फर्रुखाबाद। रंगदारी वसूलने के लिए भोले-भाले लोगों को फर्जी मुकदमों में उलझाने वाले माफिया अनुपम गैंग की करतूतें उजागर होने लगी हैं। प्रशासन ने इस गोरखधंधे पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि गैंग सुनियोजित तरीके से न्यायालय में झूठी याचिकाएँ दाखिल कर निर्दोष लोगों को धमकाता था और समझौते के नाम पर मोटी रकम वसूलता था।
सूत्रों का कहना है कि माफिया अनुपम का गिरोह केवल झूठे मुकदमे दर्ज कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को डराने और चुप कराने के लिए उसकी पत्नी और भाई सोशल मीडिया का सहारा लेकर बदनाम करने की भी साजिश रचते रहे हैं। इस कारण पीड़ित लोग दोहरी मार झेल रहे थे—एक तरफ अदालत की लड़ाई, दूसरी ओर सोशल मीडिया पर छवि खराब करने की कोशिश।
आवास विकास निवासी कोसलेन्द्र सिंह और प्रदीप सिंह सहित कई लोगों ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत दर्ज कराते हुए गैंग की इन करतूतों का खुलासा किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से संगठित तरीके से निर्दोष लोगों को परेशान किया जा रहा है। कई बार दबाव बनाकर पीड़ितों से धन वसूली भी की गई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब प्रशासन ने गैंग की गतिविधियों की गहन निगरानी शुरू कर दी है। केवल अनुपम ही नहीं बल्कि उसके सहयोगी और अन्य शातिर तत्व भी अब पुलिस के रडार पर हैं। अधिकारियों ने साफ किया है कि रंगदारी के लिए झूठे मुकदमे दर्ज कराने, लोगों को ब्लैकमेल करने और धन उगाही में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासन ने पीड़ितों को भरोसा दिलाया है कि यदि वे साहस के साथ सामने आएं और शिकायत दर्ज कराएं तो उन्हें सुरक्षा और न्याय दोनों उपलब्ध कराया जाएगा।




