रांची: झारखंड की राजधानी रांची (Ranchi) में बंटी-बाबली के धोखाधड़ी रैकेट (fraud racket) का पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए एक पति-पत्नी को गिरफ्तार (arrested) किया है, जिन पर लोन दिलाने के बहाने व्यापारियों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। कांके थाना क्षेत्र में सक्रिय आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। गौरतलब है कि ओडिशा पुलिस भी इसी तरह के मामलों के सिलसिले में इनकी तलाश कर रही थी।
एक पीड़ित व्यापारी की शिकायत के बाद अंतरराज्यीय धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवाजी पाटिल उर्फ अमित महतो और एंजेला कुजूर के रूप में हुई है। प्रभावशाली वित्त एजेंट बनकर, ये दोनों कथित तौर पर बड़े व्यापारियों को कम ब्याज दरों और न्यूनतम प्रोसेसिंग फीस पर उच्च मूल्य के ऋण देने का लालच देकर उनका विश्वास जीतते थे और उनसे बड़ी रकम वसूलते थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रामगढ़ के कारोबारी सरोजकांत झा इस घोटाले का शिकार हुए। आरोपियों ने रियायती ब्याज दर पर बड़ा कर्ज दिलाने का वादा करके उनसे 74 लाख रुपये वसूल लिए। जब कर्ज नहीं मिला, तो आरोपियों ने फर्जी जमीन का समझौता करवाकर मामले को दबाने की कोशिश की। जांच में पता चला कि समझौते में उल्लिखित जमीन आरोपियों की नहीं थी।
शिकायत मिलने पर कांके पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि दोनों ने अकेले कांके इलाके में ही करीब 70 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी। पूछताछ में यह भी पता चला कि उन्होंने ओडिशा में भी कई लोगों को ठगा था। ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर ने बताया कि ओडिशा में सुदाम बारीक नामक व्यक्ति के माध्यम से जुड़े एक व्यवसायी से लगभग 42 लाख रुपये की धोखाधड़ी का एक और मामला सामने आया है, जिसके चलते ओडिशा पुलिस आरोपियों की सक्रिय रूप से तलाश कर रही है।
एसपी ने आगे बताया कि दोनों आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है और इस बात की प्रबल संभावना है कि उन्होंने अन्य राज्यों में भी इसी तरह की धोखाधड़ी की हो। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और ओडिशा पुलिस को घटनाक्रम की जानकारी दे दी गई है।


