सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला, शिवपाल बोले—मुस्लिम समुदाय को किया जा रहा टारगेट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने रमजान के दौरान मस्जिदों में लाउडस्पीकर के उपयोग को लेकर किसी भी प्रकार की विशेष छूट देने से इनकार कर दिया है। सरकार ने कहा है कि ध्वनि प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य है और नियम सभी धर्मों पर समान रूप से लागू होते हैं।
राज्य सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि निर्धारित डेसीबल सीमा और समय-सीमा के भीतर ही लाउडस्पीकर का उपयोग किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था और पर्यावरण मानकों को देखते हुए कोई भी विशेष छूट नहीं दी जा सकती। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि योगी सरकार मुस्लिम समुदाय को टारगेट कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक स्वतंत्रता के मामलों में सरकार का रवैया पक्षपातपूर्ण है।
शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि रमजान जैसे पवित्र महीने में प्रशासन को संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, न कि प्रतिबंधात्मक नीति।
इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जहां सरकार इसे कानून और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन बता रही है, वहीं विपक्ष इसे धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप के रूप में प्रस्तुत कर रहा है।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रशासन ने मस्जिदों और अन्य धार्मिक स्थलों को ध्वनि सीमा और समय-निर्धारण के नियमों की जानकारी दी है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
मामले को लेकर आगामी दिनों में राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

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