कुशीनगर। आसपास के इलाकों में शनिवार को ईद-उल-फित्र का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इससे पहले रमजान के आखिरी जुमे पर अलविदा की नमाज अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गई। मस्जिदों में बड़ी संख्या में रोजेदारों ने पहुंचकर मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और भाईचारे के लिए दुआएं मांगीं।
संतकबीरनगर के खलीलाबाद, सेमरियावां और आसपास के क्षेत्रों की मस्जिदों में नमाज का विशेष आयोजन हुआ। मोतीनगर की मक्की जामा मस्जिद, नूरी मस्जिद, मदनी मस्जिद समेत कई धार्मिक स्थलों पर इमामों ने नमाज अदा कराई और रमजान की फजीलत पर रोशनी डाली। मौलाना और उलेमाओं ने कहा कि रमजान रहमत, बरकत और मगफिरत का महीना है, जिसमें की गई इबादत का सवाब कई गुना बढ़ जाता है।
रमजान का 30वां रोजा पूरा होने के बाद शुक्रवार शाम इफ्तार के पश्चात लोगों ने ईद का चांद देखने के लिए घरों और मस्जिदों की छतों का रुख किया। जैसे ही चांद नजर आया, लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद देने का सिलसिला शुरू हो गया और सोशल मीडिया पर भी चांद की तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं।
ईद को लेकर घरों से लेकर मस्जिदों और ईदगाहों तक साफ-सफाई और तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। लोगों ने नए कपड़े, जूते-चप्पल, मिठाई और अन्य जरूरत के सामान पहले से ही खरीद लिए हैं। बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है और परिवारों में त्योहार को खास बनाने की तैयारियां जोरों पर हैं।
सेमरियावां, बाघनगर, दुधारा, करही और सालेहपुर समेत विभिन्न बाजारों में शुक्रवार देर रात तक खरीदारी का दौर जारी रहा। गारमेंट्स, मिठाई, फल, ड्राई फ्रूट और किराना दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ी। व्यापारियों के अनुसार, ईद को लेकर इस बार भी बाजारों में अच्छी रौनक देखने को मिली है, जिससे कारोबार में तेजी आई है।
ईद-उल-फित्र की नमाज के लिए विभिन्न मस्जिदों और ईदगाहों में समय निर्धारित कर दिया गया है। सेमरियावां जामा मस्जिद, मोतीनगर, करही ईदगाह, दुधारा और अन्य स्थानों पर सुबह 7:30 बजे से 8:30 बजे के बीच नमाज अदा की जाएगी। प्रशासन ने भी शांति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं, ताकि लोग त्योहार को शांतिपूर्ण और उल्लास के साथ मना सकें।


